Gems & Stones

जानिए,पन्ना रत्न के फायदे…

285views

जानिए,पन्ना रत्न के फायदे…

रत्न ग्रह दोष को दूर करने और ग्रहों के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए धारण किया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह के लिए अलग-अलग रत्न और उपरत्न के बारे में बताया गया है. कुछ रत्न सुगमता से प्राप्त हो जाते हैं जबकि कुछ बेशकीमती होते हैं।अलग रत्न और उपरत्न के बारे में बताया गया है.कुछ रत्न सुगमता से प्राप्त हो जाते हैं जबकि कुछ बेशकीमती होते हैं. हीरा और नीलम के बाद पन्ना खूबसूरती के लिए मशहूर है.इसके अलावा पन्ना बुध ग्रह की शुभता के लिए धारण किया जाता है.ज्योतिष शास्त्र में पन्ना धारण करने के कई फायदे बताए गए हैं.कहा जाता है कि इस रत्न को धारण करने से सोई हुई किस्मत भी जाग जाती है।

ALSO READ  कछुआ रिंग पहनते समय भूलकर भी ना करें ये गलती? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, जानें इसे पहनने के नियम

बुध को मजबूत करता है पन्ना रत्न 

ज्योतिषीय गुणों की बात करें तो पन्ना बुध का रत्न माना जाता है. बुध ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए इस रत्न को धारण करने की सलाह दी जाती है. अगल कुंडली में बुध ग्रह कमजोर हो तो यह रत्न उसे मजबूती प्रदान करता है. साथ ही बुध की महादशा और अंतर्दशा से छुटकारा पाने के लिए भी इस रत्न को धारण किया जाता है. इसके अलावा अगर कुंडली में मंगल, शनि और राहु-केतु के साथ हो या शत्रु ग्रहों की दृष्टि हो तो पन्ना जरूर धारण करना चाहिए।

ALSO READ  कछुआ रिंग पहनते समय भूलकर भी ना करें ये गलती? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, जानें इसे पहनने के नियम

इन राशियों के लिए पन्ना है लाभकारी

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मिथुन और कन्या लग्न की राशियों को पन्ना पहनना लाभकारी साबित होता है. पन्ना का बुध ग्रह से संबंध है. ऐसे में यह रत्न छात्रों के लिए भी उत्तम माना जाता है. इसे धारण करने से एकाग्रता और स्मरण शक्ति अच्छी रहती है।

पन्ना धारण करने के लाभ

पन्ना धारण करने से रोगों से मुक्ति मिलती है. साथ ही अगर कुंडली में बुध ग्रह अनुकूल है तो व्यापार और कार्यक्षेत्र में भी जबरदस्त सफलता मिलती है. इसके अलावा इस रत्न के प्रभाव से धन में बरकत होती है।

ALSO READ  कछुआ रिंग पहनते समय भूलकर भी ना करें ये गलती? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, जानें इसे पहनने के नियम

पन्ना धारण करने की विधि

पन्ना धारण करने के लिए बुधवार का दिन सबसे शुभ होता है. वहीं अगर बुधवार के दिन आश्लेषा, पूर्वाफाल्गुनी, रेवती या पुष्य नक्षत्र का संयोग बने तो इस रत्न को धारण करना और भी अच्छा होता है. हालांकि पन्ना धारण करने से पहले कुंडली में बुध की स्थित का अवश्य ध्यान रखना चाहिए।

जरा इसे भी पढ़े 

कैरियर में बार-बार असफला ? तो अपनाए ये उपाय

मकान बनाने से पहले ध्यान दे ये बातें