Gems & Stones

“कौन सा रत्न देता है किस्मत का साथ ? जानिए……..

29views

“कौन सा रत्न देता है किस्मत का साथ ? जानिए..

भारत में रत्नों का महत्व हजारों वर्षों से है। राजा-महाराजा, ऋषि-मुनि, योद्धा, दार्शनिक और ज्योतिषाचार्य—हर किसी ने रत्नों की शक्ति को माना है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, मनुष्य के जीवन पर नौ ग्रहों का गहरा प्रभाव होता है और जब ये ग्रह कमजोर या प्रतिकूल होते हैं, तब जीवन में रुकावटें, तनाव, दुःख और बाधाएँ बढ़ जाती हैं।

यहीं रत्न बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रत्येक रत्न किसी विशेष ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और उसे पहनने से ग्रह की शक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

कौन-सा रत्न क्या लाभ देता है और उसे पहनना क्यों आवश्यक माना गया है।

1. माणिक (Ruby) – सूर्य का रत्न

लाभ:

  • आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ाता है
  • सरकारी नौकरी में सफलता
  • नेतृत्व क्षमता मजबूत
  • समाज में सम्मान बढ़ता है
  • पिता से संबंध सुधारता है

क्यों पहनना ज़रूरी?

यदि कुंडली में सूर्य कमजोर है, तो व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी, निर्णय न ले पाना, करियर में संघर्ष और मान-सम्मान की कमी दिखाई देती है।
माणिक पहनने से सूर्य की शक्ति बढ़ती है और व्यक्ति मजबूत व ऊर्जावान बनता है।

2. मोती (Pearl) – चंद्रमा का रत्न

लाभ:

  • मन को शांति
  • क्रोध कम
  • नींद अच्छी
  • भावनात्मक संतुलन
  • रिश्तों में मधुरता

क्यों पहनें?

जब चंद्रमा पीड़ित या कमजोर होता है, तो व्यक्ति मानसिक तनाव, डर, चिंता और अस्थिर भावनाओं से जूझता है।
मोती मन की तरंगों को स्थिर करता है, जिससे जीवन शांत और सुखद बनता है।

ALSO READ  ज्योतिष में एमेथिस्ट ब्रेसलेट का महत्व: कौन पहने और कैसे पहने?

3. मूंगा (Coral) – मंगल का रत्न

लाभ:

  • साहस और आत्मविश्वास बढ़ाता है
  • ऊर्जा और स्वास्थ्य सुधारता है
  • कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता
  • दुश्मनों पर विजय
  • दुर्घटना और खून से जुड़ी समस्याओं में लाभ

क्यों पहनें?

कमजोर मंगल व्यक्ति को आलसी, डरा हुआ, अनिर्णयशील बनाता है।
मूंगा मंगल को मजबूत कर साहस, स्पीड और जीत दिलाता है।

4. पन्ना (Emerald) – बुध का रत्न

लाभ:

  • बुद्धि, स्मरण शक्ति, गणित और व्यापार में लाभ
  • कम्युनिकेशन स्किल्स बेहतर
  • स्टूडेंट्स के लिए शुभ
  • बिजनेस में ग्रोथ
  • दिमाग शांत और स्थिर

क्यों पहनें?

बुध कमजोर हो तो व्यक्ति भ्रमित, बेचैन, जल्दी गुस्सा और गलत निर्णय लेने वाला बन जाता है।
पन्ना पहनने से बुद्धि और निर्णय क्षमता मजबूत होती है।

5. पुखराज (Yellow Sapphire) – बृहस्पति का रत्न

लाभ:

  • विवाह में सफलता
  • करियर, पद-प्रतिष्ठा और भाग्य का विकास
  • शिक्षा और आध्यात्मिकता में वृद्धि
  • धन लाभ
  • पति-पत्नी संबंध में सुधार

क्यों पहनें?

यदि गुरु कमजोर है, तो विवाह में देरी, करियर में रुकावट, भाग्य का साथ न मिलना और सम्मान में कमी आती है।
पुखराज गुरु की सकारात्मक शक्तियों को बढ़ाता है।

ALSO READ  कछुआ रिंग पहनते समय भूलकर भी ना करें ये गलती? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, जानें इसे पहनने के नियम

6. हीरा (Diamond) – शुक्र का रत्न

लाभ:

  • आकर्षण, सौंदर्य और चमक बढ़ाता है
  • प्यार, रिश्तों और वैवाहिक जीवन में सुधार
  • लग्जरी और धन में वृद्धि
  • आर्ट, फैशन, फिल्म और क्रिएटिव फील्ड में सफलता

क्यों पहनें?

कमजोर शुक्र जीवन को नीरस, संबंधों में संघर्ष और आर्थिक परेशानी में डाल देता है।
हीरा शुक्र की शक्तियों को बढ़ाकर जीवन में चमक और आकर्षण लाता है।

7. नीलम (Blue Sapphire) – शनि का रत्न

लाभ:

  • तेजी से सफलता
  • नौकरी, बिजनेस और धन में तेजी
  • लंबे समय से रुके काम पूरे
  • परेशानियों से छुटकारा
  • शत्रु शांत

क्यों पहनें?

शनि कमजोर हो तो जीवन में संघर्ष, बाधाएँ, कर्ज, कोर्ट केस, और मानसिक दबाव आता है।
नीलम शनि को मजबूत बनाकर जीवन की रफ्तार बढ़ाता है।
पर यह सबसे ख़तरनाक भी है — गलत पहनने पर नुकसान भी करता है।

8. गोमेद (Hessonite) – राहु का रत्न

लाभ:

  • डर, भ्रम और मानसिक परेशानियाँ कम करता है
  • विदेशी अवसर, विदेश यात्रा में सफलता
  • मीडिया, तकनीकी क्षेत्रों में फायदा
  • अचानक होने वाले नुकसान से बचाव

क्यों पहनें?

राहु खराब हो तो इंसान हमेशा डर, भ्रम, तनाव और अस्थिरता में रहता है।
गोमेद राहु की शक्ति को संतुलित करता है और जीवन को स्थिर बनाता है।

9. लहसुनिया (Cat’s Eye) – केतु का रत्न

लाभ:

  • ध्यान और एकाग्रता बढ़ाता है
  • आध्यात्मिकता में प्रगति
  • दुर्घटनाओं और अचानक संकट से बचाव
  • नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा
ALSO READ  ज्योतिष में एमेथिस्ट ब्रेसलेट का महत्व: कौन पहने और कैसे पहने?

क्यों पहनें?

कमजोर केतु जीवन में अनिश्चितता, भ्रम, बेवजह तनाव और नुकसान लाता है।
लहसुनिया इन परेशानियों से बचाव करता है।

रत्न पहनना क्यों ज़रूरी माना गया है? (मुख्य कारण)

1. ग्रहों की कमजोरी को दूर करने के लिए

कमजोर ग्रह जीवन में रुकावटें पैदा करते हैं।
रत्न उन्हें शक्ति देकर जीवन को आसान बनाते हैं।

2. ऊर्जा को संतुलित करने के लिए

प्रत्येक रत्न में प्राकृतिक ऊर्जा होती है।
यह ऊर्जा व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक संतुलन को मजबूत करती है।

3. भाग्य और अवसर बढ़ाने के लिए

सही रत्न व्यक्ति के जीवन में नए मौके और शुभ फल लाता है।

4. मानसिक शांति और आत्मविश्वास के लिए

रत्न मन को स्थिर, शांत और सकारात्मक रखते हैं।

5. रिश्तों, करियर और पैसे की समस्याओं को कम करने के लिए

ग्रहों के प्रभाव सीधे इन सभी क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।
रत्न इन प्रभावों को सकारात्मक बनाते हैं।

निष्कर्ष

रत्न प्रकृति की शक्ति का अद्भुत उपहार हैं।
इनमें ऊर्जा, ज्योतिष और विज्ञान—तीनों का सामंजस्य छिपा है।

लेकिन याद रखें—

सही रत्न → जीवन बदल सकता है
गलत रत्न → नुकसान भी कर सकता है