Other Articles

भाषा शैली और ज्योतिष - भाषा शैली और ज्योतिष - जीवन में किसी व्यक्ति की पहचान उसकी आवाज होती है। कोई व्यक्ति किस प्रकार के जबान से पहचाना जायेगा और उसका लोग आदर करेंगे, उसे बात करना पसंद करेंगे या उससे बचते हुए रहना चाहेंगे यह सब कुछ ज्योतिषीय ग्रहों की गणना का विषय है। उसके सभी रिश्ते और अपनापन उसके जुबान के द्वारा बनती और बिगड़ती हैं वहीं यदि हम ज्योतिषीय नजरिये से देखें तो किसी की कुंडली में उसका यही काम उसका तीसरा स्थान या तीसरे स्थान का...
Other Articles

मनुष्य का चरित्र निर्माण और ज्योतिष: मनुष्य का चरित्र निर्माण और ज्योतिष: मनुष्य स्वयं अपना स्वामी है। अपना चरित्र वह स्वयं बनाता है। चरित्र-निर्माण के लिए उसे परिस्थितियों को अनुकूल या सबल बनाने की नहीं बल्कि आत्मनिर्णय की शक्ति को प्रयोग में लाने की आवश्यकता है। हर व्यक्ति का कुछ निश्चित क्षेत्र होता है जहाॅ उसे आत्म-गौरव का स्थायी भाव आता है; उस क्षेत्र से सम्बन्धित वस्तुएँ उसके ‘स्व’ के क्षेत्र में आती है और यहीं पर यदि यह ‘स्व’ अनुकूल हो तो चरित्र उत्तम और प्रतिकूल दिषा में संचालित...
Other Articles

पेड़-पौधों से पायें अषुभ ग्रहों के दुष्प्रभावों से राहत - पेड़-पौधों से पायें अषुभ ग्रहों के दुष्प्रभावों से राहत - जीवन के विभिन्न भागों पर ग्रहों का प्रभाव पड़ता है, यह प्रभाव सकारात्मक भी होता है और नकारात्मक भी... नकारात्मक प्रभाव को रोकने या कम करने के लिए विभिन्न प्रकार के तरीके अपनाए जाते हैं....इन्ही में से एक आसान तरीका है पेड़-पौधों का रोपण और पूजन.... भगवान विष्णु और हनुमान जी को तुलसी अर्पित करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। अगर शुक्र कमजोर है, तो तुलसी का पौधा लगाकर...
Other Articles

कुण्डली में बनने वाले योग ही बनाते है प्रशासनिक अधिकारियों - कुण्डली में बनने वाले योग ही बनाते है प्रशासनिक अधिकारियों - कुण्डली में बनने वाले योग से ही व्यक्ति की आजीविका का क्षेत्र क्या रहेगा, इसकी जानकारी प्राप्त होती है.... प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश की लालसा अधिकांश लोगों में रहती है, बनते बिरले ही हैं.... आई. ए. एस. जैसे उच्च पद की प्राप्ति के लिये व्यक्ति की कुण्डली में सर्वप्रथम शिक्षा का स्तर सर्वोत्तम होना चाहिए.... कुंडली के दूसरे, चतुर्थ, पंचम एवं नवम भाव व भावेशों के बली होने...
Other Articles

मकान सुख की प्राप्ति का ज्योतिषीय विवेचन - मकान सुख की प्राप्ति का ज्योतिषीय विवेचन - व्यक्ति के जीवन पुरुषार्थ, पराक्रम एवं अस्तित्व की पहचान उसका निजी मकान है... महंगाई और आबादी के अनुरूप हर व्यक्ति को मकान मिले यह संभव नहीं है...घर का सुख देखने के लिए मुख्यतः चतुर्थ स्थान को देखा जाता है... फिर गुरु, शुक्र और चंद्र के बलाबल का विचार प्रमुखता से किया जाता है। जब-जब मूल राशि स्वामी या चंद्रमा से गुरु, शुक्र या चतुर्थ स्थान के स्वामी का शुभ योग होता है, तब घर...
Other Articles

शीघ्र उन्नतिकारक पूजा - शालिग्राम की पूजा शीघ्र उन्नतिकारक पूजा - शालिग्राम की पूजा सात्विक आचार, विचार और आहार वाले लोगों के लिए शालिग्राम की पूजा, अर्चना अधिक सिद्धिदायक होती है... भगवान विष्णु की भक्ति करने वाले लोगों के लिए शालिग्राम शीघ्र उन्नतिकारक एवं शुभफलदायक होता है... शालिग्राम की पूजा में तुलसी पत्रों की विशेष भूमिका होती है... जैसे शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ मात्र बिल्वपत्र चढ़ाने से शिव प्रसन्न होते हैं उसी भांति यदि कोई व्यक्ति नित्य जलाभिषेक करके शालिग्राम पर मात्र तुलसी पत्र अर्पण करता है तो इसी...
Other Articles

केजरीवाल अभी कायम हैं केजरीवाल अभी कायम हैं गत कुछ वर्षों में भारतीय राजनीति में किसी बड़ी क्रांति की तरफ देखते हैं तो वह क्रांति है आरटीआई का कानून। इसे पारित करवाने वाले थे अरविंद केजरीवाल। जो केजरीवाल आप पार्टी के सर्वेसर्वा माने जाते थे उनका अपनी पार्टी में ही विरोध होने लगा। एक बार तो विरोधियों को लगा होगा कि केजरीवाल खत्म। परंतु ज्योतिष ऐसा नहीं कहता। अरविंद केजरीवाल की राशि और लग्न दोनों वृषभ है। वर्तमान में गुरू की महादशा में शुक्र का अंतर १ मार्च को समाप्त...
Other Articles

कैसे करें अपनी योग्यता का पूर्ण उपयोग - कैसे करें अपनी योग्यता का पूर्ण उपयोग - श्री गणेश का नाम लिया तो बाधा आस-पास फटक नहीं सकती, ऐसा देवों का वरदान है। कहा जाता है कि ऊॅ का वास्तिविक रूप ही गणेश जी का रूप है... जब किसी बालक का व्यवहार लापरवाह भरा हो तो उसके तीसरे एवं छइवें स्थान का विवचन करना चाहिए, क्योंकि इन स्थानों के स्वामी बुध ग्रह हैं यदि ये स्थान दुषित हों तो उसे गणपति की पूजा करनी चाहिए क्योंकि हिंदू धर्म के अंदर अक्षरों...
1 478 479 480 481 482 486
Page 480 of 486