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लगातार धन की हानि ? तो करें ये वास्तु उपाय…

लगातार धन की हानि ? तो करें ये वास्तु उपाय…

लगातार धन की हानि ? तो करें ये वास्तु उपाय…

कहा जाता है कि घर का बाथरूम वहां का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है। वास्तु की मानें तो इसका सही दिशा में होना बेहद मायने रखता है। अगर ये सही दिशा में न हो तो उस जगह पर वास्तु दोष पैदा हो जाता है। जिसका परिणाम ये होता है कि धीरे-धीरे पूरे घर की बरकत जाने लगती है। इतना ही नहीं घर के सभी सदस्य के जीवन में कई तरह की परेशानियां पैदा होने लगती है।

ऐसे में बाथरूम से जुड़े वास्तु टिप्स के बारे में जानना बहुत जरूरी होती है। तो आइए जानते हैं इससे जुड़ी खास टिप्स- वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन के सामने या फिर उसके बगल में कभी भी बाथरूम नहीं होना चाहिए। इससे आपके अन्न वाली जगह पर नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है।

इसी के साथ बात करें बाथरूम की दिशा की तो कभी भी दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए। इससे परिवार के लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

अगर पहले से ही इस दिशा में बाथरूम बना हुआ है, तो इसके पास काली वस्तु रख दें। इससे इसका नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।वहीं बाथरूम में टॉयलेट सीट हमेशा पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में होनी चाहिए।वास्तु शास्त्र के मुताबिक दक्षिण दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी होती है इसलिए इस दिशा में नहाने का टब या शॉवर लगाने से बचें। साथ ही बाथरूम में हमेशा हल्के रंग का ही पेंट करवाएं। वास्तु के अनुसार, भूरा और सफेद रंग बाथरूम के लिए अच्छा माना जाता है।

बाथरूम में शीशा इस तरह लगा होना चाहिए कि उसकी टॉयलेट सीट नजर न आए। साथ ही बाथरूम की साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है।नीले रंग का टब और बाल्टी बाथरूम में रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में बरकत आती है। बता दें कि वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक काले और लाल रंग की बाल्टी या टब का इस्तेमाल बाथरूम में भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

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