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जानें,भगवत गीता पाठ करने के फायदे ?

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जानें भगवत गीता पाठ करने के फायदे ?

भगवत गीता: वैसे तो गीता का उपदेश दौपर युग में महाभारत युद्ध के दौ न कुरुक्षेत्र के मैदान में श्री कृष्ण ने अर्जुन को सुनाया था और वहीं से गीता का प्रसार शुरू हुआ लेकिन इससे पहले गीता का उपदेश करोड़ो वर्ष पहले भगवान विष्णु ने सूर्य को सुनाया था सूर्य ने अविश्वान मनु से कहा महाराज मनु ने अपनी पुत्री सुवाकु से कहा और सुवाकु से राज्य ऋषियों ने जाना इस तरह यह राज्य ऋषियों परंपरा में चलता रहा और दीर्घ काल में यह इसी पृथ्वी में विलुप्त होता रहा तत्पश्चात दौपर युग में भगवान कृष्ण ने इसे अर्जुन को सुनाया और आज यह हमारे लिए किताबों के रूप में प्रस्तुत है।

भगवत गीता के फायदे –

  • गीता का पाठ करने से ज्ञान के साथ साथ मन की शांति की भी प्राप्ति होती है।
  • गीता का पाठ रोजाना करने से जीवन की परेशानियों के हल मिल जाते हैं।
  • गीता के पाठ को नियमित रूप से करने से कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।
  • गीता का पाठ आपको सफलता की ओर ले जा सकता है।
  • गीता का पाठ करने से व्यक्ति में किसी भी परिस्थिति से लड़ने की काबिलियत आती है।
  • गीता का पाठ करने से गृह शांति के साथ साथ ग्रहों की भी शांति   ग्रहों की शांति के उपाय  होती है।
  • गीता का पाठ करने से कुंडली में मौजूद किसी भी प्रकार का दोष दूर होता है।
  • गीता का पाठ करते समय हाथ में सूत्र यानी कि धागा बांधने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
  • गीता का पाठ करने से व्यक्ति ऊपरी बाधाओं की चपेट में आने से बचा रहता है।
  • गीता का पाठ नियमित रूप से करने से मृत्यु के बाद पिशाच योनी से मुक्ति मिल जाती है।
  • गीता का पाठ करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • गीता का पाठ बीमारियों से भी छुटकारा दिला सकता है।
  • अगर गीता पाठ के साथ साथ घर में यज्ञ करवाया जाए तो इससे वास्तु दोष का निवारण भी हो जाता है।
  • गीता का पाठ अपने शत्रुओं को पराजित करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
  • गीता के पाठ के प्रभाव से आपके शत्रु द्वारा आपके विरुद्ध रचे गए सभी षड्यंत्र विफल हो जाते हैं।
  • भगवद गीता के पाठ से घर में मां लक्ष्मी   मां लक्ष्मी की पूजा के नियम  का वास हमेशा बना रहता है।

भगवत गीता का पाठ कैसे करे

  • वैसे तो आप भगवत गीता का पाठ किसी भी समय कर सकते हैं. लेकिन जिस प्रकार पूजा पाठ के लिए सुबह का समय सर्वोत्तम माना गया हैं. उसी प्रकार भगवत गीता का पाठ सुबह के समय करना अतिउत्तम माना गया हैं.
  • यह पवित्र ग्रंथ होने के कारण खराब हाथ से छूना नहीं चाहिए. सुबह स्नान आदि करने के बाद ही भगवत गीता का पाठ करना चाहिए.
  • भगवत गीता का पाठ करने से पहले चाय, दूध, कोफ़ी नास्ता आदि का सेवन न करे तो अच्छा रहेगा. पाठ करने के पश्चात ही अपनी दूसरी दैनिक क्रिया करे.
  • पाठ की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश और श्री कृष्ण के नाम का जाप करना चाहिए.
  • इसके पश्चात आप पाठ करने की शुरुआत कर सकते हैं. पाठ करने के दौरान बीच में किसी से बात न करे.
  • पाठ हमेशा किसी भी आसन पर बैठकर ही करना चाहिए.
  • अगर आप गीता पाठ करते है. तो स्वयं ही गीता का अच्छे से रख-रखाव करे.
  • गीता में जो अध्याय आपने शुरू किया उस अध्याय को पूर्ण करने के बाद ही उठना चाहिए.
  • गीता का पाठ शुरू करने से पहले और पूर्ण करने के बाद अपने माथे पर लगाकर प्रणाम जरुर करे.
  • भगवत गीता का पाठ पूर्ण हो जाने के बाद भगवत गीता की आरती अवश्य करे.
  • बस यही नियम आपको नियमति रूप से बनाए रखने हैं.