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बुध अष्टम भाव में हो

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बुध अष्टम भाव में

अगर बुध अष्टम भाव में हो तो पन्ना धारण करने से हानि ही होती है। अगर बुध अष्टम भाव में मिथुन अथवा कन्या राशि में हो जो कि वृश्चिक और कुम्भ लग्न की कुण्डलियों में ही हो सकता है।तब पन्ना धारण करना विदेश यात्रा,गुप्त धन लाभ में सहायक हो सकता है।

1.मेष लग्न – बुध तृतीयेश-षष्ठेश होकर अष्टम भाव में वृश्चिक राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करने से शरीर रोगी रहेगा।

2.वृष लग्न – बुध द्वितीयेश-पंचमेश होकर अष्टम भाव में धनु राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करना लाभकारी नहीं।

3.मिथुन लग्न – बुध लग्नेश चतुर्थेश होकर अष्टम भाव में मकर राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करने से शुभ-अशुभ मिश्रित फल प्राप्त होंगे।

4.कर्क लग्न – बुध द्वादशेश-तृतीयेश होकर अष्टम भाव में अपनी नीच में होगा। पन्ना धारण करने से शुभ-अशुभ मिश्रित फल प्राप्त होंगे।

5. सिंह लग्न – बुध लाभेश-द्वितीयेश होकर अष्टम भाव में अपनी नीच राशि मीन में स्थित होगा। अतः पन्ना धारण करना अत्यन्त हानिकारक रहेगा।

6. कन्या लग्न – बुध दशमेश-लग्नेश होकर अष्टम भाव में मेष राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करने से शुभ-अशुभ मिश्रित फल प्राप्त होंगे।

7.तुला लग्न – बुध भाग्येश-द्वादशेश होकर अष्टम भाव में वृष राशि में होगा। पन्ना धारण करने से विदेश यात्रा का अवसर प्राप्त हो सकता है।

8.वृश्चिक लग्न – बुध अष्टेश-लाभेश होकर अष्टम भाव में अपनी राशि मिथुन में स्थित होगा।पन्ना धारण करने से विरासत में धन सम्पत्ति मिलने का योग बनेगा,विदेश यात्रा का अवसर भी प्राप्त होगा।

9.धनु लग्न – बुध सप्तमेश-दशमेश होकर अष्टम भाव में कर्क राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करने से शुभ-अशुभ मिश्रित फल प्राप्त होंगे।

10.मकर लग्न – बुध षष्ठेश-नवमेश होकर अष्टम भाव में सिंह राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करने से शुभ-अशुभ मिश्रित फल प्राप्त होंगे।

11.कुम्भ लग्न – बुध पंचमेश-अष्टमेश होकर अष्टम भाव में अपनी राशि कन्या मंे स्थित होगा। पन्ना धारण करना लाभकारी रहेगा। विरासत में धन सम्पत्ति मिले,अथवा अज्ञात स्त्रोत से धन लाभ हो।

12.मीन लग्न – बुध चतुर्थेश-सप्तमेश होकर अष्टम भाव में तुला राशि में स्थित होगा। पन्ना धारण करने से शुभ-अशुभ मिश्रित फल प्राप्त होंगे।

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