Know Today • Plan Tomorrow • Live Better
Home Articles Business Astrology
Business Astrology

व्यापार में लगातार हानी ? तो करें ये उपाय

व्यापार में लगातार हानी ? तो करें ये उपाय

व्यापार में लगातार हानी ? तो करें ये उपाय

Business Loss Solution: जब कभी समस्याएं आए व्यापार गति ना पकडे अवरोध उत्पन्न हो तब एक बार किसी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें साथ ही समस्याओं के निदान हेतु वैदिक उपायों का प्रयोग करें। जिससे स्थितियां अनुकूल होकर व्यवस्थित बनी रहें।

आजकल आपने बहुत से ऐसे लोगों को सुना होगा जो कहते हैं कि उनका व्यापार बहुत अच्छा चल रहा था परंतु पिछले कुछ समय से व्यापार में परेशानियां आ रही हैं। पहले बिक्री खूब अच्छी होती थी किंतु अचानक उस में गिरावट आ जाती है। लाभ का प्रतिशत भी घट जाता है और समस्या विकट हो जाती है। आप कुशल व्यवसाई हैं, व्यवसाय चलाने का अनुभव भी आपके पास है लेकिन अच्छे भले चलते व्यवसाय में अचानक रुकावट आ जाती है।

अच्छा माल बेचते हैं, व्यवहार कुशल भी हैं लेकिन इतना सब होते हुए भी व्यापार निरंतर घाटे में चला जाता है। इन्हीं समस्याओं के चलते कर्ज भी सर पर बढ़ जाता है। क्योंकि व्यापारिक गतिविधियां निर्बल हो जाती है। सब कुछ इंसान के हाथ मे नही होता है।  यह सब कर्म और नसीब पर भी आधारित होता है। हर व्यक्ति के जीवन में अच्छे बुरे दौर आते है। व्यापार की गति कम पड़ने की तमाम सारी वजह हो सकती है। अगर आपके भी व्यवसाय में समस्याएं आ रही है। तो आप भी इन उपायों के माध्यम से अपने द्वारा पोषित व्यापार को फिर से पटरी पर ला सकते है।

Want answers for your own kundli?

Chat or call experienced astrologers on the AstroShrine app, in Hindi and English.

Get the App

अगर ऐसी  समस्या भी है आपके साथ तो क्या करें

आइए पहले जान लेते हैं अगर आपके व्यापार में किसी प्रकार का बंधन लगा हुआ है। तो व्यापार बहुत प्रभावित होता है। आप अपने ऑफिस या दुकान पर जाते हैं। तो मन आशंकित हो जाता है। तरह-तरह के डरावने विचार आने लगते हैं। व्यापार में मन नहीं लगता। दुकान में साफ सफाई पूजा पाठ करने का भी मन नहीं करता। दुकान में रखे हुए सामान पर जाले और धूल लगी रहती है। सफाई कभी कभी ही हो पाती है। ग्राहक आता है। लेकिन आपके व्यक्तित्व से वह प्रभावित नहीं हो पाता और आप उसको सन्तुष्ट नहीं कर पाते वह खाली हाथ चला जाता है। कमाई धीरे धीरे घटने लगती है। मन निराश होने लगता है। जहां से आप सामान लेकर आते हैं। वहां से संबंध खराब होने लगते हैं।  अगर आपने उधारी की हुई है तो वह रुक जाती है। नए ग्राहक नहीं बन पाते। पिछले वाले टूटने लगते हैं। इन सब से व्यक्ति मानसिक रूप से इतना कमजोर हो जाता है। सुबह उठ कर दुकान खोलने जाने से भी कतराते है।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now