दूसरे विराट ज्योतिष सम्मेलन के लिए फ्री रजिस्ट्रेशन शुरू
रायपुर के खारुन तट पर महाकाल धाम में 13 अक्टूबर से होगा विराट ज्योतिष सम्मेलन
देशभर के विख्यात ज्योतिषी, वास्तु शास्त्री, आचार्य, महामंडलेश्वर और महंत होंगे शामिल
रायपुर। ज्योतिषशास्त्र को परमब्रह्म परमात्मा के मुख से निकले अपौरुषेय वेद का नेत्र कहा गया है। जिसका वर्णन सबसे पहले ब्रह्माजी ने स्वयं किया है और जिसके ज्ञानमात्र से मनुष्यों को धर्मसिद्धि प्राप्त हो जाती है। ज्योतिषशास्त्र भारतीयों की अमूल्य निधि है। यह जितना व्यापक है, उतना व्यावहारिक भी है। प्रयोगात्मक दृष्टि से वैज्ञानिकों तथा विद्वानों की गवेषणात्मक उत्कण्ठा की परिप्ति के लिए इसमें अक्षुण्ण वस्तुभण्डार उपलब्ध है। इस दिव्य ज्योतिष को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दूसरी बार विराट ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इसी साल 2024 में अक्टूबर महीने की 13 तारीख होने वाले विराट ज्योतिष सम्मेलन की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। साथ ही इसके लिए फ्री रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। विराट ज्योतिष सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक ज्योतिष शास्त्री और वास्तु विद 9893363928 नंबर पर फ्री रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
श्री महाकाल धाम के सर्वराकार और विख्यात ज्योतिष शास्त्री पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी ने बताया कि देशभर के विख्यात ज्योतिषी, वास्तु शास्त्री, आचार्य, महामंडलेश्वर और महंतों ने इस विराट ज्योतिष सम्मेलन में शामिल होने के लिए स्वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि ‘वेदस्य निर्मलं चक्षुर्ज्योतिश्शास्त्रमनुत्तमम्, यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा’ अर्थात जिस प्रकार मोरों में शिखा और नागों में मणि का स्थान सबसे ऊपर है। उसी प्रकार सभी वेदांगशास्त्रों में गणित का स्थान सबसे ऊपर है। हमेशा से गणित और ज्योतिष समानार्थी शब्द थे। लेकिन कालांतर में कुछ लोगों ने ज्योतिष को अंधविश्वास से जोड़ दिया। रायपुर में होने वाला विराट ज्योतिष सम्मेलन देश में ज्योतिष शास्त्र के अध्ययन को लेकर मील का पत्थर साबित होगा।
विराट ज्योतिष सम्मेलन की संयोजिका कल्पना झा ने बताया कि ये अपने तरह का ये छत्तीसगढ़ में होने वाला विशेष आयोजन है, जिसमें एक ही मंच पर ज्योतिष के माध्यम से लोगों की निजी समस्याओं के निराकरण का प्रयास ज्योतिषविदों के द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ज्योतिष सम्मेलन 13 अक्टूबर 2024 को सुबह 10 बजे से लेकर रात्रि के 8 बजे तक चलेगा। सम्मेलन वाले दिन सबसे पहले प्रात:काल पुण्य मुहूर्त में श्री महाकाल धाम मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्री महाकाल का पूजन अभिषेक होगा। इसमें सभी दर्शनार्थी निशुल्क रुप से शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद मुख्य मंच पर देशभर से पधारे विख्यात ज्योतिषी, वास्तु शास्त्री, आचार्य, महामंडलेश्वर, पुरोहित, संत, अंकशास्त्र, हस्त सामुद्रिक, टैरो, फेंगशुई के विशेषज्ञ अपना शोधपत्र पढ़ेंगे और व्याख्यान होगा। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पवित्र पावन खारुन नदी के तट पर अमलेश्वर में स्थित है श्री महाकाल धाम। जहां 6 अप्रैल 2024 को प्रदेश का पहला विराट ज्योतिष सम्मेलन का भव्य और दिव्य आयोजन हुआ था। इस ज्योतिष सम्मेलन में देश के 200 से ज्यादा ख्यातिप्राप्त ज्योतिर्विद शामिल हुए थे। साथ ही 21 ज्योतिष मनीषियों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह के साथ प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया था।
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