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क्या आपके जीवन में है प्रेम का अभाव? जाने ज्योतिषीय उपाय

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आप भी लगाना चाहते हैं प्रेम के समंदर में गोते?

“प्यार” शब्द ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनकर ही हमें अच्छा महसूस होने लगता है,प्यार शब्द में वो एहसास है जिसे हम कभी नहीं खोना चाहते।इस शब्द में ऐसी पॉजिटिव एनर्जी है जो हमें मानसिक और आंतरिक खुशी प्रदान करती है।

प्यार या प्रेम एक एहसास है। जो दिमाग से नहीं दिल से होता है प्यार अनेक भावनाओं जिनमें अलग अलग विचारो का समावेश होता है। प्रेम स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे अग्रसर करता है।

ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना जो सब भूलकर उसके साथ जाने को प्रेरित करती है। ये किसी की दया, भावना और स्नेह प्रस्तुत करने का तरीका भी माना जा सकता है।

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जन्म कुंडली में ग्रहों के कुछ ऐसे योग होते हैं, जिसे प्रेम विवाह या प्रेम होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं…

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्यार को परवान चढ़ाने में शुक्र ग्रह का प्रमुख योगदान होता है।इसके अलावा कुंडली में शुक्र, चंद्रमा और मंगल ग्रह भी प्रेम का योग बनाते हैं।

अगर शुक्र ग्रह प्रेम के पंचम भाव से युति करे तो इंसान को सच्चा प्यार मिलता है। इसके अलावे अगर शुक्र की दृष्टि पंचम भाव पर पड़ती है तो प्रेम संबंधों का योग बनता है। ज्योतिष विज्ञान में शुक्र ग्रह को प्रेम, रोमांस और काम-वासना का कारक माना जाता है। अगर कुंडली में ये ग्रह मजबूत स्थिति में है तो व्यक्ति का प्रेम जीवन खुशहाल बना रहेगा। परंतु इसके विपरीत अगर कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है तो उसके प्रेम जीवन में समस्याएं आएंगी

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इसके बाद कुंडली का पांचवां भाव भी प्रेम और रोमांस के विषय में बतलाता है। अगर कुंडली में ये भाव कमजोर है तो फिर व्यक्ति को उसका सच्चा प्यार मिलना संभव है। लेकिन अगर कुंडली पांचवां भाव बलवान है प्रेम जीवन में परिस्थितियां बहुत ही अनुकूल होती हैं।

अगर शुक्र ग्रह राहु के साथ दृष्टि रखे तो मनमर्जी शादी करना का योग है। लेकिन ध्यान रहे, ऐसा विवाह ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाता है।

शुक्र और चंद्रमा की दृष्टि रहती है तो प्रेम संबंध आगे बढ़ता है।
साथ ही अगर कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर हो तो प्रेम संबंधों में कमी आती है या अस्थिरता की स्थिति बनी रहती है।

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सच्चा प्यार पाने के लिए करें ये उपाय

अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को बलवान करें।
कुंडली के पंचम भाव की मजबूत करें।
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें।
गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करें।
हीरा रत्न धारण करें।
महिलाएं सोलह सोमवार का उपवास करें।
पंचम भाव के स्वामी ग्रह को बली करें।
शुक्रवार को पार्टनर को गुलाबी वस्तुएं गिफ्ट में दें।
अपने लव पार्टनर से शुक्रवार के दिन जरुर मिलने का प्रयास करें।
जन्म कुंडली में कालसर्प दोष की शांति के लिए उपाय करें।