Home Articles Astrology
Astrology

जानिये 12 राशियों में सूर्य का गोचर का प्रभाव

जानिये 12 राशियों में सूर्य का गोचर का प्रभाव

सूर्य देव को नवग्रहों का राजा माना जाता है, खगोल विज्ञान के अनुसार सूर्य एक तारा है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसे एक ग्रह माना गया है, हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग एक देवता के रुप में सूर्य की उपासना करते हैं, वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल चढ़ाया जाए तो जन्म कुंडली  में मौजूद सूर्य संबंधित दोषों से मुक्ति मिलती है और इसके साथ ही सूर्य की उपासना करने से शारीरिक तेज और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, वैदिक ज्योंतिष में सूर्य को आत्मा, पूर्वज, पिता और सरकारी सेवा का कारक माना गया है, कुंडली  में मौजूद सभी 12 राशियों में से केवल एक राशि सिंह का स्वामित्व सूर्य देव को प्राप्त है, इसके साथ ही सूर्य देव कृतिका, उत्तराफाल्गुनी उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों के स्वामी हैं।

सूर्य में बारह राशियों का गोचर व उपाय-

मेष राशि

सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होने जा रहा है। इस भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। इस भाव में सूर्य के गोचर के चलते आपके वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। इसके साथ ही पारिवारिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती अपने भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर आपकी कहासुनी हो सकती है। अगर आप परिवार के लोगों के साथ अपने मतभेदों को दूर नहीं करते हैं तो आपके रिश्ते तो प्रभावित होंगे ही साथ ही आपको भविष्य में परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

सूर्य के इस गोचर के दौरान आपके स्वभाव में क्रोध की अधिकता देखने को मिल सकती है। इस समय अपने मन को नियंत्रित करने के लिए आपको योग ध्यान का सहारा लेना चाहिए। वो कारोबारी जो साझेदारी में बिज़नेस करते हैं आपसी मतभेदों के कारण साझेदार के साथ उनके रिश्तों में कुछ खटास आ सकती है। प्रेम संबंधों में भी इस दौरान कुछ परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि इस राशि के छात्रों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। आप शिक्षा के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बना सकते हैं। अगर आप घर से बाहर रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो आपको बुरी संगति से बचकर रहने की जरुरत है।

उपाय- ‘’ॐ ह्रां ह्रीं ह्रोम सः सूर्याय नमः’’ मंत्र का उच्चारण करें।

वृषभ राशि

सूर्य देव का गोचर आपकी राशि से षष्ठम भाव में होगा। काल पुरुष की Kundali में यह भाव कन्या राशि का होता है और इससे आपके शत्रुओं, आपको होने वाली बीमारियों, कानूनी लड़ाई आदि के बारे में विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान आपको अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है, इस समय आप अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहेंगे और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए जी जान लगा देंगे। हर स्थिति का डटकर सामना करने का आपका गुण इस समय आपको आपके प्रतिद्वंदियों पर हावी रखेगा। इस राशि के छात्रों के लिए सूर्य का यह गोचर बहुत लाभदायक रहने वाला है, जो छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा में भाग ले चुके हैं और अब परिणामों का इंतजार कर रहे हैं, सूर्य के इस गोचर के चलते उन्हें अपनी मेहनत का अच्छा फल मिल सकता है।

कुल मिलाकर कहा जाए तो शिक्षा के क्षेत्र में आप मनचाहे परिणाम पा सकते हैं। पारिवारिक जीवन की बात की जाए तो संपत्ति से जुड़ा कोई छोटा-मोटा विवाद इस समय हो सकता है। हालांकि अंत में फैसला आपके पक्ष में आने की पूरी उम्मीद है। स्वास्थ्य इस दौरान अच्छा रहेगा किसी पुरानी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। सरकारी नीतियों से आपको लाभ होने की भी संभावना है।

उपाय- सूर्य देव को पानी में भीगे लाल फूल व सिंदूर अर्पित करें।

मिथुन राशि

सूर्य का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। यह भाव संतान भाव भी कहलाता है और इससे विद्या और ज्ञान के बारे में भी विचार किया जाता है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर शुभ रहेगा। यदि आप लंबे समय से किसी संस्था से जुड़े हैं तो इस समय आपकी पदोन्नति हो सकती है। आपके कार्य को सराहना मिलेगी जिससे कार्यक्षेत्र में आप और भी अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। इस राशि के छात्रों के लिए यह गोचर बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता, इस गोचर के समय आपका मन चंचल रहेगा और आप पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाएंगे। एकाग्रता के लिए आपको प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

ALSO READ  AstroShrine ऐप अब Google Play Store पर उपलब्ध – अब अपने फ़ोन से जुड़िए प्रमाणित वैदिक ज्योतिषियों से

आर्थिक पक्ष कमजोर रह सकता है। इस समय सोच समझकर निवेश करें क्योंकि संभावना यह है कि इस समय किये गये निवेश से आपको कोई विशेष फायदा नहीं होगा। आपका स्वास्थ्य इस अवधि में कमजोर रह सकता है। सेहत को दुरुस्त करने के लिए आपको रोज़ाना कसरत करनी चाहिए। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही आपके भविष्य को खराब कर सकती है। प्रेम जीवन के लिए यह समय अच्छा रहेगा। वहीं जो जातक अभी तक सिंगल हैं उनकी मुलाकात किसी खास शख्स से होने की संभावना है और यह खास शख्स आने वाले वक्त में उनका जीवनसाथी बन सकता है।

उपाय- रविवार के दिन भगवान विष्णु के मंदिर में शुद्ध घी चढ़ाएं।

कर्क राशि

सूर्य के तुला राशि में गोचर के दौरान आपका चतुर्थ भाव सक्रिय अवस्था में रहेगा। इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है और इससे हम आपकी चल-अचल संपत्ति, माता, और समाज में आपकी स्थिति के बारे में विचार करते हैं। इस गोचर के दौरान आपकी माता की सेहत में गिरावट आ सकती है, जिसके चलते आपको भी मानसिक तनाव होगा और यह तनाव आपके चेहरे पर साफ दिखाई देगा। आपको किसी अच्छे डॉक्टर से माता का चैकअप करवाना चाहिए और उनके साथ समय बिताना चाहिए।

वैवाहिक जीवन में किसी बात को लेकर जीवनसाथी के साथ कहासुनी हो सकती है जिसकी वजह से आपकी प्रोफेशनल जिंदगी पर भी प्रभाव पड़ेगा। आपके काम करने की गति इस दौरान कम हो सकती है क्योंकि आपका मन आपको बार-बार भटकायेगा। पारिवारिक जीवन को व्यवस्थित करने के लिए आपको प्रयास करने की जरुरत है। अगर आप ऐसा नहीं करते तो यह आपके लिए घातक हो सकता है। इस राशि के कुछ जातक अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए इस समय अपना पुराना वाहन या प्रोपट्री बेच सकते हैं। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे फल पाने के लिए इस दौरान सार्थक प्रयास करने होंगे।

उपाय- सूर्य भगवान को रोजाना जल चढ़ाएं।

सिंह राशि

सूर्य देव आपकी राशि से तृतीय भाव में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मिथुन राशि का होता है और इससे आपके साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहनों और आपके सामर्थ्य के बारे में विचार किया जाता है। इस दौरान आप खुद को ऊर्जावन महसूस करेंगे और हर काम को पूरी रचनात्मकता के साथ पूरा करने की कोशिश करेंगे। किसी पुरानी बीमारी से इस दौरान आपको छुटकारा मिल सकता है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को कार्यक्षेत्र में नया मुकाम हासिल हो सकता है। बीते समय में आपके द्वारा किये गये अच्छे कार्य अब फलित होंगे।

सामाजिक जीवन में भी आप अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सक्षम होंगे और अपनी तार्किक बुद्धि से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे। इस राशि के कुछ जातकों को इस गोचर के दौरान छोटी दूरी की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, इन यात्राओं के कारण आपका स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है और ज़रूरी कामों में भी व्यवधान आ सकता है। इस समय आपको विपरीत लिंगी लोगों के साथ विनम्रतापूर्वक बात करनी चाहिए। आलस्य को अपने पर हावी न होने दें और सेहत को दुरुस्त बनाए रखने के लिए व्यायाम करें। इस राशि की ग्रहणियां अपने जीवनसाथी के साथ इस अवधि में कहीं घूमने जा सकती हैं।

उपाय- रविवार से रोजाना आदित्य हृदय स्त्रोत का जाप आरंभ करें।

कन्या राशि

सूर्य ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव में होने से आपकी वाणी में इस दौरान कर्कशता आ सकती है। आपके बात करने का तरीका आपके कुछ करीबियों को आपसे दूर कर सकता है इसलिए आपको इस गोचर के दौरान सोच-समझकर बात करने की सलाह दी जाती है। पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं यह बात आपको समझनी होगी, अगर छोटी-छोटी बातों को लेकर आप परिवार के लोगों पर क्रोधित हो जाएंगे तो इससे परिवार में अशांति बनी रहेगी, इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि अपने गुस्से पर काबू रखें और बिना वजह जानें किसी भी बात पर अपनी प्रतिक्रिया न दें। सेहत को लेकर आपको सचेत रहने की जरुरत है।

सूर्य के इस गोचर की अवधि में आपको आंखों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। अगर विदेशों में आपकी ज़मीन है तो इससे आपको फायदा होने की पूरी संभावना है। आर्थिक पक्ष की बात करें तो इस समय आपको अपने ख़र्चों पर लगाम लगाने की जरुरत है ऐसा करके ही आप अपने धन को संचित कर सकते हैं। प्रेम जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको अपने अहम को पीछे रखना होगा और अपने पार्टनर की बातों को गौर से सुनना होगा। अगर आप दोनों एक दूसरे से दूर रहते हैं तो इस समय आपको मिलने का प्लान बनाना चाहिए।

आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं

आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।

लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँ

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें