- दिनांक 14.05.2020 का पंचाग
- शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि … प्रातः काल को 06 बजकर 22 मिनट तक … दिन … गुरूवार … धनिष्ठा नक्षत्र … प्रातः को 06 बजकर 23 मिनट से … आज चंद्रमा … मकर राशि में … आज का राहुकाल दोपहर को 01 बजकर 38 मिनट से 03 बजकर 16 मिनट तक होगा …
मकर राशि में हो रहे वक्री गुरु का राशि अनुसार कैसा रहेगा प्रभाव
मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का मकर राशि में वक्री होना, उन्हें आध्यात्म से दूर कर सकता है। आपको इस समय अपने मन पर काबू रखना होगा। इसके साथ ही आपको मानसिक तनाव भी हो सकता है। वैवाहिक जातकों के लिए यह समय कुछ उतार चढ़ाव भरा रहने वाला है। मेष राशि के जातक जो विद्यार्थी है व शिक्षा क्षेत्र में उन्हें इस अवधि में परिश्रम करना होगा।
उपाय –
ॐ गुं गुरवे नम:
गुड़हल के फूल कृष्णजी में अर्पित करें।
वृषभ राशि

वृषभ राशि वाले जातको का मकर राशि में बृहस्पति का वक्र अवस्था में आना सामान्य रहने वाला है। इस समय में आपको अपने आध्यात्मिक पहलुओं पर ध्यान देना होगा। इसके साथ ही जो जातक इस समय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं वो अपने पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। परिवार के लिए भी समय कुछ परेशानी वाला हो सकता है।
उपाय –
पीले पुष्प लेकर विष्णुजी की पूजा करें और निम्न मंत्र का जाप करें –
ॐ बृं बृहस्पतये नम:
मिथुन राशि

गुरु का मकर में वक्री होना मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ नहीं कहा जा सकता है। इस समय मिथुन जातकों को कार्य के साथ ही सेहत की लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है। अपने साथी के साथ धैर्य से रहे। इस समय आपको एक दूसरे के ऊपर भरोसा करना होगा। वित्तीय स्थिति में अस्थिरता आ सकती है।
उपाय –
भगवान लड्डू गोपाल की पूजा करें तथा बेसन से घर के लड्डू का भोग लगाकर मंत्र जाप करें –
ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:
कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्र स्थिति में आना अपना कोई भी नया कार्य शुरू करने विचार कर सकते हैं। निवेश इसके पूर्व आपको अपने सहयोगी व शुभचिंतकों से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। व्यापार में भी जातकों को इस अवधि में लाभ मिल सकता है। कुल मिलाकर समय आपके हित में रहने का संकेत दे रहा है।
उपाय –
भगवान विष्णुकी पूजा कर मंत्र जाप के उपरांत चीनी का दान करें।
ॐ गुं गुरवे नम:
सिंह राशि

गुरु का मकर राशि वक्री होना सिंह राशि के जातकों के लिए धैर्य से काम लेने की आवश्यकता है। आवेश में आकर कोई भी काम न करें। इस दौरान आपको किसी भी तरह की जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है। आपको अपने कार्यों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। किसी पर भी निर्भर न हों तो बेहतर होगा।
उपाय –
भगवान कृष्ण की पूजा कर पीले वस्त्र गुरू तुल्य व्यक्ति को दान करें एवं निम्न मंत्र का जाप करें।
ॐ बृं बृहस्पतये नम:
कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का मकर राशि में वक्र होना कार्य पूर्ण करने के लिए विवेक व योजना के साथ काम करना होगा। इसके साथ ही जो जातक व्यापारी या उच्च पद पर हैं उनके लिए समय थोड़ा तनाव वाला हो सकता है। इस बीच आपको कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लेकिन इसका तनाव आपको होगा। जो जातक नया जॉब तलाश रहे हैं उनकी यह तलाश खत्म होने में कुछ समय लग सकता है।
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