वृश्चिक राशि में शनि गोचर का प्रभाव
जन्म के चंद्रमा से शनि के चतुर्थ भाव में गोचर को शनि की ढैया की अवधि कहा जाता है। विस्तृत रूप से कहा जा सकता है कि आपके लिए यह समय वित्तीय उतार-चढ़ाव लेकर आएगा। इसलिए अपको न सिर्फ फिजूल खर्ची से बचना चाहिए बल्कि अब तक आपने जो बचत की है, उसे बचना चाहिए।
संपत्ति के मामले में भी आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए अगर कोई निर्णय अदालत में लंबित है, तो निर्णय प्राप्त करने के लिए ज्यादा व्याकुल न हों। कुछ समय के लिए अदालती मामलों को टाल दें। सही समय आने पर संपत्ति से संबंधित निर्णय लें। इसके अतिरिक्त, इस भाव के जातक को इस समय अवधि में काफी सतर्क रहना चाहिए।
आपको बता दें कि दुर्घटना के योग बन रह हैं, इसलिए जब भी निजी वाहन से निकलें, तो सावधानी बरतें। सड़क पर रास्ता क्रॉस करते हुए भी ध्यान रखें। इसी तरह किसी के साथ जाएं, तब भी लापरवाही न करें। यह समय आपके लिए मुश्किलों भरा रहेगा, क्योंकि आपको न सिर्फ वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है बल्कि स्वास्थ्स संबंधी समस्याएं भी आपकी प्रगति में बाधा बन सकती हैं।
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