Know Today • Plan Tomorrow • Live Better
Home Articles Other Articles
Other Articles

कुंडली में कैसे बनता है कर्ज योग, कैसे मिलेगी मुक्ति

कुंडली में कैसे बनता है कर्ज योग, कैसे मिलेगी मुक्ति

कुंडली में कैसे बनता है कर्ज योग, कैसे मिलेगी मुक्ति

आज के दौर में कर्ज आधी से ज्यादा आबादी की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन गई है। नई कार, नया घर खरीदना, बच्चों के शैक्षणिक कार्य आदि चीजों के लिए कई बार कर्ज लेने की स्थिति बन जाती है। लेकिन कई बार ऐसी भी स्थिति बन जाती है कि कर्ज का समय पर भुगतान नहीं कर पाते हैं। वहीं महंगाई के इस दौर में आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया हो गया है, जिसकी वजह से कर्ज में रखी गिरवी चीजों को खोना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कई बार कुंडली में ऐसी स्थिति बन जाती है, जिनकी वजह से कर्ज लेना पड़ता है और कर्ज चुकाने में भी समस्या का सामना करना पड़ता है।

ऋण मुक्ति पूजा

श्री महाकाल धाम मे अपनी ऋण मुक्ति  पूजन बुक करने के लिए यहाँ क्लिक करें 👈🏿

क्यों बनता है कर्ज योग ?

  • यदि छठे भाव में ग्रहण हो और दूसरे भाव का स्वामी और एकादश भाव पीड़ित हो तो व्यक्ति हमेशा कर्ज में डूबा रहता है. परंतु सूर्य के साथ राहु हो या शनि राहु के साथ हो, सूर्य के साथ मंगल हो, सूर्य के साथ केतु हो तो आपके शुभ फलों में कमी आएगी. इस अवस्था में धन और लाभ का स्वामी कमजोर हो जाता है. इन सभी ग्रहों की महादशा में व्यक्ति कर्ज में डूब जाता है.
  • यदि आपकी कुंडली के छठे घर का स्वामी कमजोर है या छठे घर में सूर्य- राहु, मंगल-शनि, शनि-केतु और शनि -राहु की युति है, तो व्यक्ति के कर्ज में वृद्धि होती है. वहीं, छठे भाव का स्वामी नीच स्थान पर बैठा हो. तो, इस स्थिति में व्यक्ति पर कर्ज बढ़ जाता है, छठे भाव में शनि और मंगल की युति व्यक्ति के लिए कष्टकारी होती है.
  • यदि आपके धन का स्वामी बृहस्पति है. वह छठे घर में राहु के साथ बैठे हैं. लग्नेश कमजोर है. गुरु और राहु की युति होने पर चांडाल दोष बनता है. चांडाल दोष कुंडली के किसी भी भाव में बनता है. इससे उस भाव से संबंधित प्रभाव खत्म हो जाते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो जाती है.
  • यदि जन्म कुंडली में लग्नेश छठे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति जीवन भर कर्ज से परेशान रहता है.
  • यदि छठे भाव में मंगल के साथ शनि स्थित हो तो व्यक्ति जन्म से ही कर्जदार होता है.
  • यदि राहु और केतु के साथ बुध नीच का हो तो व्यक्ति जीवन में कर्ज में डूब जाता है
ALSO READ  Rishi Panchami 2026: 15 सितंबर को ऋषि पंचमी, जानें शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और सप्तऋषियों का रहस्य 🚩

श्री महाकाल धाम मे अपनी पार्थिव पूजन बुक करने के लिए यहाँ क्लिक करें 👈🏿

ऋण मुक्ति के लिए पिली पूजा
रिण मुक्ति पूजा ऋण से राहत पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पूजाओं में से एक है। ऋण का अर्थ है ऋण और मुक्ति का अर्थ है स्वतंत्रता। प्रामाणिक विधि के अनुसार ऋण मुक्ति पूजा करने से भक्तों को कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। प्रामाणिक विधि के अनुसार ऋण मुक्ति पूजा करने के कई लाभ हो सकते हैं। श्री महाकाल धाम अमलेश्वर मंदिर में भक्त ऋण मुक्ति पूजा करते हुए। शनिवार को विशेष ऋण मुक्ति पूजा श्री महाकाल धाम अमलेश्वर मंदिर में करते हैं। इस विशेष पूजा को पीली पूजा के नाम से भी जाना जाता है । इस पूजा को प्रामाणिक विधि-विधान से करने से भक्त कर्ज से शीघ्र मुक्ति पा सकते हैं। वे पीली पूजा में केवल पीले रंग की सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now