भयंकर डाकिनी-शाकिनी से मुक्ति दिलाने वाला तिलस्मी टोटके
जब गर्भवती स्त्री दुर्घटना का शिकार होती है तो वह ’’ डाकिनी ’’ नाम की प्रेतजाति होती है। डाकिनी अत्यन्त ही भयंकर और खतरनाक होती है। इस जाति की प्रेत आत्माएं जिसे भी पकड़ती है उसे अंततः खून की उलटियाॅ करा-करा कर मार डालती है। ’’डाकिनी-शाकिनी’’ अत्यन्त ही कू्रर होती है। आम तांत्रिकों को इससे छुटकारा दिलाना लोहे के चने चबाने के बराबर है। इसे भगाने हेतु मेरा यह परम तेजस्वी शोधित टोटके है:–
1. इन्द्रवारूणी का पका फल, कमलगठ्ठा और काली मिर्च को गाय के मूत्र में पीसकर नश्य लेने से ब्रम्हा राक्षस, भूत-प्रेत, डाकिनी-शाकिनी आदि भाग जाते है।
2. लोहवान, गाय का घी, देवदारू, हींग, सरसों, नीम की पत्ती, इंद्र जौ, गौंदती, कुटकी, कटेली, बच, जौ, चना, बकरे के बाल तथा मोर का पंख, इन सबको बछडे के मूत्र में पीसकर सुखा ले। फिर मिट्टी के बर्तन में अग्नि जलाकर उक्त वस्तुओं के चूर्ण का धूप दें और उसकी धुआँ रोगी को लगावें नाक के पास तो डाकिनी-शाकिनी आदि चीखते-चिल्लाते भाग जाती है और पुनः कभी उस पे वार नहीं करती।
3. बेल की जड़, देवदारू, बबूल, प्रियंगु, इन सबको एक साथ पीसकर, उनके धूप की धुआँ रोगी को नाक के पास दिखाने से सदा-सदा के लिए शाकिनी-डाकिनी, ब्रम्हा राक्षस आदि उसे छोड जाते है।
4. ’’सिद्ध विकराल भैरव यंत्र’’ गले में धारण करने से सभी प्रकार के प्रेत-दोषों से सदैव के लिए मुक्ति मिल जाती है।
चुड़ैल से छुटकारा पाने हेतु अमोघ टोटके
कुंवारी युवती लड़की जब दुर्घटना या तंत्र-मंत्र शक्त्यिों द्वारा अकाल मृत्यु का शिकार होती है तो वह ’’चुडै़ल’’ नामक प्रेतनि बनती है। ये अधिकतर खूबसूरत नौजवानों को अपना शिकार बनाकर उससे सम्भोग करती है। जिससे इसके शिकार व्यक्ति का शरीर पीला पड़ जाता है, क्योकि यह प्रेतनि उनके शरीर का खून भी चूसती रहती है और अंततः व्यक्ति मृत्यु को समर्पित हो जाता है। ऐसी भयंकर चुडै़ल से छुटकारा पाने हेतु निम्न टोटके अति प्रभावशाली है, आजमाकर देखें।
1. ’’पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र’’ के दिन ’’बहेडा वृक्ष का बांधा बंझोड़ी लाकर उसका चूर्ण खिलाने से चुड़ैल भाग जाती है।
2. ’’श्वेत लक्षमणा की जड़’’ किसी शुभ मुहूत्र्त में विधि पूर्वक लाकर, उसे पीसकर तिलक लगाने से चुडैल से सदैव के लिए छुटकारा मिल जाता है।
3. हस्त नक्षत्र में ’’चम्पा कीजड़’’ लाकर, काले डोरे लपेट कर, गले में धारण करने से चुडै़ल उसे छोड़कर भाग जाती है।
4. ’’सिद्ध वटुक भैरव यंत्र’’ चुडै़ल भगाने हेतु महाकाल का कार्य करता है।
5. ’’अनुराधा नक्षत्र’’ में ’’चमेली की जड’’ लाकर काले डोरे में गले में धारण करने से चुडै़ल भाग जाती है।
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