Know Today Plan Tomorrow Live Better
Home Articles Other Articles
Other Articles

कालाष्टमी की शाम आजमाएं इनमें से कोई 1 उपाय, सभी प्रकार के संकट और दुखों से मिलेगी मुक्ति?

कालाष्टमी की शाम आजमाएं इनमें से कोई 1 उपाय, सभी प्रकार के संकट और दुखों से मिलेगी मुक्ति?

कालाष्टमी का व्रत आज यानी 10 जनवरी, शनिवार को है। इस दिन विधि-विधान से बाबा काल भैरव की पूजा और व्रत करने का विधान होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिल सकती है। वहीं, इस दिन शाम को कुछ उपाय करने भी बेहद शुभ होते हैं। अगर आप इनमें से कोई एक उपाय आजमा लें तो इससे जीवन के संकटों और दुखों से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही, धन की कमी भी नहीं होती है।

कालाष्टमी का व्रत माघ मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाएगा, जो इस बार आज यानी 10 जनवरी, शनिवार को है। इस तिथि पर बाबा काल भैरव की पूजा करने का विधान होता है। मान्यता है कि कालाष्टमी का व्रत और पूजा करने से जातक को बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ उपाय करना भी बेहद अच्छा होता है। मान्यता है कि मनुष्य अगर कालाष्टमी की शाम विधिपूर्वक कुछ उपाय कर ले तो इससे जीवन के सभी प्रकार के संकटों और दुखों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, आर्थिक तंगी भी दूर हो सकती है और धन की तिजोरी कभी भी खाली नहीं रहती है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें कालाष्टमी की शाम के कुछ विशेष उपाय।

ALSO READ  🚨 AstroShrine हुआ LIVE! 🔱 ज्योतिष, AI कुंडली और महाकाल की आस्था का हुआ महामिलन — जानिए क्या-क्या मिलेगा!

सरसों के तेल के दीपक का उपाय

कालाष्टमी के दिन शाम के समय भगवान काल भैरव के सामने सरसों के तेल का काली बाती वाला दीपक जलाना चाहिए। इसके पश्चात, मन को शांत करके ध्यानपूर्वक ‘ओम कालभैरवाय नमः‘ मंत्र का जाप करें। ऐसा कम से कम 108 बार अवश्य करें। कालाष्टमी की शाम इस उपाय को करने से जातक को भय से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और इसके स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

काल भैरव गायत्री मंत्र का करें जाप

जीवन में बाधाओं, भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने के लिए कालाष्टमी के दिन शाम की पूजा के साथ-साथ गायत्री मंत्र का जाप भी अवश्य करना चाहिए। काल भैरव गायत्री मंत्र भगवान शिव के रौद्र रूप भैरव बाबा को समर्पित है। ‘ओम कालभैरवाय विद्महे काशीवासाय धीमहि तन्नो भैरवः प्रचोदयात्’ इस गायत्री मंत्र का जाप करने से जातक को जीवन की समस्याओं से भी मुक्ति मिल सकती है और मानसिक शांति व एकाग्रता बढ़ती है। इसके अलावा, आप काल भैरव चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now