Other Articlesजिज्ञासा

धर्म-अर्थ-काम जीवन के तीन लौकिक पुरुषार्थ

भारतीय संस्कृति का मूल धर्म ही है। बल्कि कहना चाहिए कि भारतीय संस्कृति का प्राण धर्म है। दूसरे देशों की संस्कृति में जहां भौतिक तत्व की प्रधानता है, वहीं भारतीय संस्कृति में धर्म की प्रधानता है। इसलिए वह आध्यात्मिक संस्कृति है। धर्म शब्द को परिभाषा में बांधना कठिन ही नहीं बल्कि दुष्कर है। धर्म शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत की धातु से हुई है। जिसका अर्थ है-धारण करना। धारणात् धर्ममित्याहुरू धर्मो धारयति प्रजा: अर्थात् धारण करने वाले को धर्म कहते हैं, धर्म प्रजा को धारण करता है। इस प्रकार हम देखते...
1 320 321 322 323 324 486
Page 322 of 486