आपके हाथों में निवास स्थान अंगूठा छोटा और कम खुलने वाला हो, अंगुलियां टेढ़ी-मेढ़ी हों तो ऐसे व्यक्ति का निवास स्थान गंदी जगह पर होता है। जीवन रखाो और मस्तिष्क रखाो दानोें ही दोषपूर्ण हों अंगुलियां माटेी हों और अंगूठा कम खुलता हो तो इनके घर के पास गंदगी होती है और पड़ोसी भी अच्छे नहीं होते है। हाथ पतला, काला, कठोर, उबड़-खाबड़ हो, अगूंठा छाटो आरै अंगुलियां मोटी हों तो ऐसे व्यक्तियों का निवास स्थान गंदी जगह पर होता है, रहने की जगह तंग-गली में होती है और पड़ौसी...
वैज्ञानिक अध्ययन से यह पता चलता है कि मस्तिष्क की मूल शिराओं का हाथ के अंगूठे से सीधा संबंध है। स्पष्टतः अंगुष्ठ बुद्धि की पृष्ठ भूमि और प्रकृति को दर्शाने वाला सबसे महत्वपूर्ण अंग है। बाएं हाथ के अंगूठे से विरासत में मिली मानसिक वृति का आकलन किया जाता है और दायें हाथ के अंगूठे से स्वअर्जित बुद्धि-चातुर्य और निर्णय क्षमता का अंदाजा लगाना संभव है। अंगूठे और हथेली का मिश्रित फल व्यक्ति को अपनी प्रकृति के अनुसार ढाल पाने में सक्षम है। व्यक्ति के स्वभाव और बुद्धि की तीक्ष्णता...
सामान्यतः मंगल से निकलकर जीवन व भाग्य रेखा को काटकर मस्तिष्क रेखा को छूने या उसे भी काटकर हृदय रेखा तक जाने वाली रेखाएं, ‘राहु रेखा’ कहलाती है। हाथों में इनकी संख्या एक से लेकर तीन या चार तक होती हैं। मोटी ‘राहु रेखाएं’ अधिक महत्वपूर्ण होती हैं। ये रेखाएं दोषपूर्ण लक्षण हैं क्योंकि जिस आयु में ये मस्तिष्क-रेखा, भाग्यरेखा व जीवन रेखा को काटती हैं, परेशानी रहती है। जीवन रेखा को काटने पर कुटुम्ब, संतान तथा स्वास्थ्य, भाग्य रेखा को काटने पर जीवनसाथी को रोग व व्यापारिक चिंता तथा...
होली का पर्व प्रतिवर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह दो भागों में विभक्त है। पूर्णिमा को होली का पूजन और होलिका दहन तथा फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा को रंग- गुलाल, कीचड़ आदि से होली। संपूर्ण त्योहारों में होली सर्वश्रेष्ठ है। स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने द्वारिकावासियों, ब्रजवासियों, अपनी रानियों, पटरानियों एवं आह्लादिनी शक्ति राधा के साथ होली का उत्सव मनाया है। स्वयं देवता भी इस आनंद में पीछे नहीं रहे। भगवान शंकर ने तो श्मशान की राख से ही होली खेल कर अपने को कृतकृत्य किया। होली...
हाथ की रेखाओं के द्वारा हर एक क्षेत्र को समझा तथा जाना जा सकता है। यदि आप रीयल एस्टेट में पैसा इनवेस्ट करना चाहते हैं, तो उससे पहले आपको अपने हाथ की रेखाओं का अध्ययन जरूरी है। यदि आपके हाथ में रेखाएं रीयल एस्टेट के हिसाब से ठीक हैं तो आप उससे फायदा उठा सकते हैं अन्यथा नहीं। यदि हाथ भारी, अंगुलियां चौकोर, ग्रह पर्वत सीधे खासकर शनि और मंगल के उठे हुए हों और जीवन रेखा गोल तथा भाग्य रेखा जीवन रेखा से दूरी पर हो तो रीयल एस्टेट...
विवाह को हिंदू समाज व धर्म में जन्म-जन्म का पवित्र व अटूट बंधन माना गया है। हमारी संस्कृति में विवाह को केवल दो व्यक्तियों के तन और मन के मिलन से बढ़कर दो परिवारों के आपस में धार्मिक सामाजिक, मानसिक व सांस्कृतिक मिलन का अपूर्व संगम माना गया है। भाग्य और ग्रह हमारे पक्ष में हो जायें तो शादी के समय जिस स्त्री पुरूष का विवाह अनचाहा और बेमेल भी हो तो भी गृहस्थी की राहों पर आते ही दोनों इतने संतुलित होकर समन्वय पूर्वक चलते हैं कि जीवन में...
आज के मशीनी युग में जन मानस की दिनचर्या भी एक मशीन के समान होकर रह गई है। हर व्यक्ति दन रात काम ही काम में लगा रहता है। समयाभाव के कारण वह प्रकृति प्रदत्त उपहारों जैसे स्वच्छ वायु, स्वच्छ जल, सूर्य की किरणों का सूर्य उदय के समय मिलने वाला प्रकाश और उष्णता, शुद्ध विटामिनों आदि के लाभ से वंचित रह जाते हैं। स्वच्छ वायु के बदले हम एअरकंडिशनर में रहना पसंद करते हैं, रात देर से सोते हैं और सुबह तब उठते हैं जब सूर्य की किरणें तीव्र...