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मौनी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त

मौनी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त

माघ मास में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान और पितरों के तर्पण का विशेष महत्व होता है। इस दिन हरिद्वार और प्रयागराज में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्य दायी तिथि माना गया है। माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस पवित्र दिन सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में होते हैं। ऐसे में स्नान, दान, जप-तप और पितरों का तर्पण करने के लिए इस दिन को शुभ माना गया है। मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। इससे पुण्य लाभ मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि माघ मास के पुण्य काल में हरिद्वार और प्रयागराज में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और यह अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है।

मौनी अमावस्या का धार्मिक <strong data-start="1102" data-end="1111">महत्व</strong>

मौनी अमावस्या हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र अमावस्या में से एक मानी जाती है, खासकर गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान तथा दान-दान (दान-दान)के लिए। इसका विशेष महत्व इस प्रकार है:

1.  मौन (सन्नाटा) का महत्व

  • ‘मौनी’ शब्द मौन (चुप्पी / शांत रहने) से आया है।
  • इस दिन मौन व्रत (एकाग्रता और मन की शुद्धि) धारण करना सफल माना जाता है।
  • मौन का पालन करने से मन की शक्ति बढ़ती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

2.  पवित्र स्नान (शुद्धिकरण)

  • गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं, ऐसा माना जाता है।
  • विशेषतया प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर स्नान का महत्व और अधिक माना जाता है।

3.  दान-दान व पुण्य कर्म

  • गरीबों, ब्राह्मणों को काला तिल, अनाज, वस्त्र, धन आदि दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • दान का प्रभाव कई जन्मों तक फलदायक माना जाता है।

4.  पितृ तर्पण व आत्मा की शांति

  • पितरों के लिए तर्पण करना, पिंडदान करना, तिल और जल का दान देना अत्यंत शुभ फल देता है।

 

मौनी अमावस्या 2026 कब है?

प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या का स्नान सबसे बड़ा शाही स्नान माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 17 जनवरी की रात 12 बजकर 4 मिनट पर होगी और अगले दिन 18 जनवरी की रात 1 बजकर 22 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार के दिन मनाई जाएगी।

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