यदि जन्म कुण्डली में अशुभ राहु अष्टम भाव में स्थित हो व कालसर्प योग बन रहा हो तो –
42 वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 8 सीसे के चैकोर टुकड़े जन्मदिन पर या 40 दिन के बीच पानी में बहाएं ।चाॅदी का चैकोर टुकड़ा जेब में रखें। बेईमानी न करें।काले या नीले रंग के कपड़े में नारियल लपेट कर प्रवाहित करें। सूखे मेवे चाॅदी कें बर्तन में रखकर मंदिर में दान करें। भैरों जी की उपासना करें।घर के समीप भड़भूजे की भट्ठी हो तो ताॅबे का पैसा डालें।
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