आषाढ कृष्ण पक्ष अमावस्या 2 जुलाई 2019 दिन मंगलवार को खग्रास सूर्य ग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण दक्षिण प्रशांत महासागर से प्रारम्भ होकर दक्षिणी अमेरिका के कुछ भागो में प्रवेश करते हुए एवं चिली होते हुए अर्जेंटीना में खग्रास रूप में दिखायी देगा। इस सूर्य ग्रहण का मोक्ष अटलांटिका में होगा। यह सूर्य ग्रहण भारतीय मानक समयानुसार 2 जुलाई दिन मंगलवार की रात 10 बजकर 25 मिनट पर स्पर्श करेगा ,रात में 12 बजकर 53 मिनट ग्रहण का मध्य होगा तथा मोक्ष भोर में 3 बजकर 21 मिनट पर होगा।
रात में लगाने वाले सूर्य ग्रहण का कोई विशेष धार्मिक महत्व नही होता परंतु ग्रहीय दृष्टि से इसका पूर्ण महत्त्व होता है। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो सूर्य ,चंद्र व पृथ्वी की विशेष स्थिति के कारण बनती है।
जब चंद्र ,सूर्य व पृथ्वी के बीच आता है तब सूर्य कुछ देर के लिए अदृश्य हो जाता है। आम भाषा में इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं। इसमे चंद्र, सूर्य व पृथ्वी एक ही सीध में होते हैं व चंद्र पृथ्वी और सूर्य के बीच होने की वजह से चंद्र की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। सूर्य ग्रहण सदैव अमावस्या के दिन ही घटित होता है। पूर्ण ग्रहण के समय पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश पूर्णत अवरुद्ध हो जाता है। ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
भारतीय वैदिक ज्योतिष में ग्रहण का बहुत ज्यादा महत्व है। इसका सीधा मानव जीवन सहित सभी जीव जन्तुओं पर पड़ता है। इसी कारण से गर्भवती महिलाओं, सहित अन्य आवश्यक कार्यो में पालन करना उत्तम होगा।
जो कुछ इस तरह हैं : –
- ग्रहण न देखें।
- नुकीली चीज का प्रयोग न करें।
- कपड़े न सिलें अर्थात सुई का प्रयोग न करें।
- ग्रहण के दौरान चाकू का प्रयोग न करें।
- ग्रहण के बाद स्नान करें।
- अपने ईष्ट देव को याद करें।
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