ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य सौरमंडल का सबसे अधिक प्रभावशाली ग्रह है| श्रीमद्भागवत गीता में सूर्य को सूर्य नारायण के नाम से सम्बोधित किया गया है, और वेदों में सूर्य को ही सम्पूर्ण जीव-जगत की आत्मा माना गया है| किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य का अहम स्थान होता है, कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति में हो, बाकि के ग्रह कमजोर हो तो भी जातक अपने आत्मबल से सब कुछ पा लेता है| इसलिए अन्य ग्रहों की तुलना में सूर्य को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है| यह सृष्टि का स्वरूप है, जो पालक रूप में प्रत्यक्ष है| सूर्य को नवग्रहों में राजा की उपाधि प्राप्त है, यह संपूर्ण जगत में प्रकाश फैलता है, और सूर्य ही राजकृपा और यश का भी कारक माना जाता है| कुंडली में सूर्य को ही आत्मा, पिता, पूर्वज और सम्मान आदि का कारक कहा गया है|
अगर किसी जातक की जन्म कुंडली में सूर्य शुभ स्थिति में है, तो व्यक्ति को भाग्य, आरोग्य, मान-सम्मान और यश आदि की प्राप्ति होती है| वहीं अगर सूर्य कुंडली में अशुभ स्थिति में रहता है, तो पिता के सुख और आत्मविश्वास में कमी आती है, यह नेत्र पीड़ा के लिए भी जिम्मेदार होता है| सूर्य का गोचर सभी राशियों के लिए खास परिवर्तन लाता है| ज्योतिष के अनुसार सूर्य का यह गोचर 13 फरवरी गुरुवार के दिन दोपहर 15 बजकर 03 मिनट पर होने जा रहा है| इस गोचर के दौरान सूर्य मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे| और अगले महीने में 14 मार्च की सुबह 11 बजकर 54 मिनट तक यहीं पर रहेंगे| ऐसे में सूर्य का यह गोचर प्रत्येक राशि के जातकों पर शुभाशुभ प्रभाव डालेगा|
कुम्भ संक्रांति का महत्व-
सूर्य की यह कुंभ संक्रांति अत्यंत श्रेष्ठ है, क्योंकि इस दिन सिद्धि योग भी बन रहा है| शास्त्रों में पुण्यकाल के दौरान पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व बताया गया है। आपको बता दें कि सूर्य की कुंभ संक्रांति के दौरान गोदावरी नदी में स्नान-दान का महत्व है, और इस दिन गुड़, तिल, गेहूं, चावल, उड़द की दाल आदि ब्राह्मण या किसी गरीब व्यक्ति को दान करें| ग्रहों की शांति, पितृ दोष व मोक्ष प्राप्ति के लिए भी कुम्भ संक्रांति को बहुत ही लाभकारी माना जाता है|
कुंभ राशि में सूर्य का यह परिवर्तन सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा, आइये जानते हैं,
मेष राशि (Aries)
मेष राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से पांचवें भाव के स्वामी होकर ग्यारहवें भाव में गोचर करेंगे| इस गोचर के दौरान आपको धन लाभ और कार्यों में सफ़लता प्राप्त होगी| आपको धन लाभ के अवसर मिलेंगे, साथ ही बहुत दिनों से अधूरी पड़ी आपकी कोई इच्छा पूरी होगी, आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, और इस समय आपकी आध्यात्मिक एवं धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे आपके अंदर परोपकार की भावना बढ़ेगी,व्यवसायी जातकों के लिये भी सूर्य का कुंभ राशि में आना सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा| विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहने वाला है| यदि आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह समय आपके लिए शुभ फलदायक रहेगा|
उपाय-
सूर्य यंत्र की स्थापना कर उसकी पूजा अर्चना करें|
तांबे के बर्तन में गेहूं भरकर धार्मिक स्थान में दान करें|
वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से चौथे भाव के स्वामी होकर दशवें भाव में गोचर करेंगे| यहाँ सूर्य को दिग्बल भी प्राप्त होता है| अगर आप वाहन खरीदने या फिर रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं| तो यह समय आपके लिए बेहद अनुकूल है| यदि आप राजनीति या सामाजिक कार्यों से जुड़े हैं, तो यह समय आपके लिए लाभप्रद है| यह परिवर्तन आपको अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कराएगा, जिससे आपके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी आएगी, और आय में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं| किसी संपत्ति को खरीदने या बेचने के बारे में कोई महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं|
उपाय-
6 मुखी रुद्राक्ष धारण करें|
गाय की सेवा करें, और बहते पानी में तांबे का सिक्का बहाएं|
मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से तीसरे भाव के स्वामी होकर नवमें भाव में गोचर करेंगे| यह परिवर्तन भाग्य स्थान में हो रहा है, मिथुन राशि के जातकों का यह समय भाग्योदय करने वाला रहेगा| इस गोचर के दौरान आपकी इच्छाशक्ति में बढोतरी होगी, और आपका शरीर ऊर्जा से भरपूर रहेगा, किसी छोटी यात्रा पर भी जा सकते हैं| धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी| समाज के प्रतिष्ठित लोगों के साथ आपका मेल मिलाप बढ़ेगा| झूठे आरोपों से बचकर रहना होगा| पिता के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है, उनकी सेहत भी खराब हो सकती है| यह समय विवेक से काम लेकर निर्णय लेने वाला है| जीवन साथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे| कुल मिलाकर आपकी राशि के लिए यह गोचर उत्तम साबित होगा|
उपाय-
नित्य सूर्य को जल चढ़ाएं और गणेश भगवान की पूजा अर्चना करें|
चितकबरे रंग की गाय को मीठी रोटी खिलाएं|
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से दूसरे भाव के स्वामी होकर आठवें भाव में गोचर करेंगे| यह समय आपके लिए विशेष संभल कर रहने का है, विशेषकर स्वास्थ्य के मामले में सचेत रहें, क्योंकि इस दौरान आपका स्वास्थ्य अधिक बिगड़ सकता है| मानसिक तनाव और व्यर्थ की चिंताएं आपको घेर सकती हैं| इस वक्त आपको वाहन भी बहुत ही सावधानी से चलाने की आवश्यकता है, व्यवसाय में कार्यरत लोग भी लेन-देन व धन निवेश करने को लेकर थोड़ा अलर्ट रहें, इस समय अब्धि में आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है| इस समय आपको अपने आत्मबल को मजबूत बनाने की आवश्यकता है, कोई बड़ा व महत्वपूर्ण निर्णय इस समय के दौरान न लें| इस दौरान कुछ बेवजह की यात्राएं होने से आपका धन खर्च होगा,
उपाय-
शुभ फलों की प्राप्ति के लिए गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें|
शुक्ल पक्ष के रविवार से 800 ग्राम गेहूं और 800 ग्राम गुड़ मंदिर में चढ़ाएं, ये कार्य लगातार आठ रविवार करें|
सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि के स्वामी होकर सातवें भाव में गोचर करेंगे| इस समय आपकी सेहत में सुधार जरूर आएगा,लेकिन आपको अपने पार्टनर के साथ थोड़े मतभेद का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए धैर्य से काम लें, अगर आप साझेदारी में बिजनेस कर रहे हैं,तो इस वक्त थोड़ा सावधानी की जरूरत है| क्योंकि इस समय आपके साथ धोखाधड़ी भी हो सकती है| नौकरी करने वाले जातकों का काम पर ध्यान नहीं लगा पाने के चलते मुश्किल बढ़ सकती है| आपको अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी होगी|
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