आज मनुष्य कैंसर जैसी भयावह बीमारी से जूझ रहा है . क्यों हम स्वस्थ ,प्रसन्नचित्त ,निरोगी नहीं रह पाते ? हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को भुलाकर पाश्चात्य सभ्यता को जो अपनाते जा रहे है .परिणाम तो भोगने ही होंगे .कही ऐसा तो नहीं घर का कोई वास्तुदोष हमें परेशान कर रहा है .आइये देखते है….वायव्य, उत्तर, ईशान व पूर्व दिशा का ऊंचा होना एवं आग्नेय, दक्षिण, नैऋत्य, पश्चिम में भूमिगत पानी का स्रोत होना या नीचा होना या फिर बढ़ा हुआ होना ब्रेन कैंसर की संभावना को बढ़ाता है। नैऋत्य में भूमिगत पानी का स्रोत होना, नैऋत्य बहुत नीचा होना या बढ़ा हुआ होना, साथ ही अन्य दिशाएं ईशान कोण की तुलना में नीची होना। और अन्य दिशाओं की तुलना में ईशान कोण ऊंचा होने वास्तु विज्ञान के अनुसार ब्लड कैंसर का कारण माना जाता है।दक्षिण-पश्चिम भाग में बने अंडर ग्राउंड टैंक के पानी से नहाने वाले भी कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का शिकार हो जाते हैं।दक्षिण-पश्चिमी भाग में से निकलने वाले पानी से कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का अंदेशा बढ़ जाता है। यह दाम्पत्य संबंध भी तोड़ता है।थोड़ी सी सावधानी आपको भयावह बिमारियों से बचा सकती है .घर बनाते वक्त वास्तु नियमों की अनदेखी न करें ..
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