यदि राहु एकादश भाव में अशुभ हो या कालसर्प योग बनने के लक्षण –
सम्पत्ति का नाश होता है। फिजूल व्यय बढ़ता है।घर में बीमारी बनी रहती हैअधिकारियों या पिता के साथ मनमुटाव बना रहता है।मन्दिर में दान करें।गले मे सोने की चेन धारण करें।कभी-कभी भंगी को छुट्टे पैसे देते रहें।
यदि जन्म कुण्डली में तीसरे या ग्याहरवें भाव में बृहस्पति बैठा हो तो सोने के स्थान पर लोहे की चेन धारण करनी चाहिए।चाॅदी का उपयोग करें। चाॅदी के गिलास से पानी पीने का नियम बनाएॅ।
बिजली का सामान ठीक रखें। घर में कोई हथियार न रखें।
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