जिज्ञासा

जानिए चाणक्य ने क्यों कहा कि शिक्षा हमारी सबसे अच्छी मित्र है

81views

चाणक्य एक ऐसे महान ज्ञानी थे जिनकी नीतियों को पढ़ना लोग आज भी काफी पसंद करते हैं। क्योंकि इनकी नीतियां इतनी प्रैक्टिकल हैं कि वे आज के समय में एक दम फिट बैठती हैं। चाणक्य ने राजनीति ही नहीं बल्कि शिक्षा से संबंधित भी ऐसी बातें अपनी चाणक्य नीति पुस्तक में बताई हैं जो हमारे जीवन में शिक्षा के महत्व को बताती हैं जानिए क्या कहती हैं चाणक्य की ये नीतियां…

– बुद्धि से पैसा कमाया जा सकता है, न कि पैसे से बुद्धि हासिल की जा सकती है। चाणक्य की ये नीति यही बताती है कि अगर बुद्धि है तो इंसान चाहे कितना ही पैसा कमा सकता है लेकिन अगर बुद्धि नहीं है तो सारे पैसों से भी बुद्धि प्राप्त नहीं की जा सकती है।

– हमें अपने कर्म का फल मिलता है, हमारी बुद्धि पर इसके पहले हमने जो कर्म किये हैं उसका निशान है, इसलिए जो बुद्धिमान लोग हैं वो सोच विचार कर कर्म करते हैं।

– जिसके पास धन नहीं है वो गरीब नहीं है, वह तो असल में रहीस है, यदि उसके पास विद्या है… लेकिन जिसके पास विद्या नहीं है वह तो सब प्रकार से निर्धन है।

– अर्जित विद्या अभ्यास से सुरक्षित रहती है, घर की इज्जत अच्छे व्यवहार से सुरक्षित रहती है, अच्छे गुणों से इज्जतदार आदमी को मान मिलता है, किसी भी व्यक्ति का गुस्सा उसकी आंखों में दिखता है।

– रूप और यौवन से सम्पन्न तथा कुलीन परिवार में जन्म लेने पर भी विद्या हीन पुरुष, पलाश के फूल के समान है जो सुन्दर तो है लेकिन खुशबू नहीं है।

– शिक्षा इंसान की सबसे अच्छी मित्र है एक शिक्षित इंसान हर जगह सम्मान पाता है। शिक्षा सुन्दरता को भी पराजित कर सकती है।

– जब तक तुम दौड़ने का साहस नहीं जुटाओगे, प्रतिस्पर्धा में जीतना तुम्हारे लिए असंभव बना रहेगा।

– विद्या अर्जन करना यह एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है। वह विदेश में माता के समान रक्षक एवं हितकारी है, इसलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है।

source: jansatta