क्या आप सही रुद्राक्ष पहन रहे हैं? जानिए नियम, फायदे और सही तरीका !
रुद्राक्ष पहनने का लाभ और नियम — किसे पहनना चाहिए ? रुद्राक्ष को हिंदू धर्म में भगवान शिव का अत्यंत…

रुद्राक्ष पहनने का लाभ और नियम — किसे पहनना चाहिए ? रुद्राक्ष को हिंदू धर्म में भगवान शिव का अत्यंत…
वन्दे देवमुमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणं (शम्भुमुमापतिं) वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम् । वन्दे सूर्यशशाङ्कवह्निनयनं वन्दे मुकुन्दप्रियं वन्दे भक्तजनाश्रयं…
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानंद भाजां | भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शंकरं शंभुमीशानमीडे || १ || गळे रुंडमालं तनौ…
श्री शिवाष्टक आदि अनादि अनंत अखंड अभेद अखेद सुबेद बतावैं । अलग अगोचर रूप महेस कौ जोगि-जति-मुनि ध्यान न पावैं…
शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपम् नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम् घन घन घूर्णिमेघं घंघोरं घंन्निनादम् भज भज…
लिङ्गाष्टकं स्तोत्र: ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्…
श्री शिव सहस्त्रनाम ॐ स्थिराय नमः। ॐ स्थाणवे नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ भीमाय नमः। ॐ प्रवराय नमः । ॐ…
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै न काराय नमः शिवाय॥1॥ मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चितायनन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय। मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजितायतस्मै म काराय नमः…
जटा-अटवी-गलत्-जल-प्रवाह-पावित-स्थले गले-अवलम्ब्य लम्बितां भुजंग-तुङ्ग-मालिकाम् डमड्-डमड्-डमड्-डमत्-निनाद-वड्डमर्वयं चकार चण्ड-ताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥1॥ जटा-कटाह-सम्भ्रम-भ्रमत्-निलिम्प-निर्झरी विलोल-वीचि-वल्लरी-विराजमान-मूर्धनि धगत्-धगत्-धगज्ज्वलत्-ललाट-पट्ट-पावके किशोर-चन्द्र-शेखरे रतिः प्रति-क्षणं मम ॥२…
I"श्री महाकाल की पावन निश्रा और पलाश विधि" पाटन में महाकाल धाम के बाद अब एक नया युग प्रारंभ हुआ।…
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