
मकर संक्रांति हिंदू धर्म के प्रमुख और अत्यंत शुभ पर्वों में से एक है। यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत ही नहीं देता, बल्कि सूर्य देव के उत्तरायण होने का पावन अवसर भी प्रदान करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब कई शुभ और दुर्लभ योगों का निर्माण होता है। यही कारण है कि मकर संक्रांति को दान, स्नान, तप, साधना और शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना गया है।
इस वर्ष की मकर संक्रांति और भी विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन कई शुभ ग्रह योग बन रहे हैं, जिनका सीधा प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। विशेष रूप से तीन राशियों पर सूर्य देव और अन्य ग्रहों की विशेष कृपा रहने वाली है।
मकर संक्रांति का ज्योतिषीय महत्व
मकर संक्रांति वह समय है जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर राशि शनि की राशि मानी जाती है, और सूर्य-शनि का यह संयोग कर्म, अनुशासन और जीवन में स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार:
- सूर्य आत्मा, मान-सम्मान और नेतृत्व का कारक है
- मकर राशि कर्म, संघर्ष और सफलता की प्रतीक है
- सूर्य का मकर में प्रवेश परिश्रम का फल दिलाने वाला माना जाता है
इसी कारण मकर संक्रांति के बाद जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।
मकर संक्रांति के लिए शुभ योग:

मकर संक्रांति पर 3 राशियों को मिलेगा विशेष आशीर्वाद
मकर संक्रांति के दिन सूर्य को जल अर्पित करें और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
गुड़ और तिल का दान करें तथा रविवार के दिन सूर्य नमस्कार करें।
मकर संक्रांति पर किए जाने वाले शुभ कार्य
1. स्नान और दान
मकर संक्रांति पर गंगा या पवित्र जल से स्नान करने का विशेष महत्व है।
2. तिल-गुड़ का दान
तिल और गुड़ का दान पापों का नाश करता है और सूर्य को प्रसन्न करता है।
3. सूर्य पूजा
सूर्य को जल अर्पित करने से आत्मबल और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
मकर संक्रांति के आध्यात्मिक लाभ
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश
- सकारात्मक सोच का विकास
- जीवन में संतुलन
मकर संक्रांति से जुड़े पौराणिक तथ्य
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन देवता उत्तरायण मार्ग से पृथ्वी पर आते हैं और मनुष्य के पुण्य कर्मों को स्वीकार करते हैं।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में शुभ परिवर्तन का द्वार है। इस दिन बन रहे शुभ योग विशेष रूप से मेष, सिंह और मकर राशि के जातकों के लिए सौभाग्य लेकर आ रहे हैं। यदि श्रद्धा, नियम और सही उपायों के साथ यह पर्व मनाया जाए, तो जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है।





