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Diwali Lakshmi Puja Muhurat: आज दीपावली पर इस मुहूर्त में करें माता लक्ष्मी की आराधना

Diwali Lakshmi Puja Muhurat: आज दीपावली पर इस मुहूर्त में करें माता लक्ष्मी की आराधना

माता लक्ष्मी की पूजा को समर्पित दिवाली का त्योहार आज पूरे देशभर में मनाया जा रहा है, माता लक्ष्मी धन और वैभव देने वाली हैं। यह हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान श्री गणेश, कुबेर और देवों के राजा इंद्र की विशेष पूजा होती है। माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी परेशानियों को दूर करती हैं, धन, संपदा, वैभव, ऐश्वर्य से उसके जीवन को भर देती हैं। दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करना ज्यादा फलित होता है।

दीपावली के लिए पूजा सामग्री

कलावा, रोली, सिंदूर, हल्दी। कलश के लिए पानी वाला एक नारियल, एक सूखा नारियल, अक्षत्, लक्ष्मी जी और गणेश जी के लिए लाल तथा पीले वस्त्र, फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, गाय का घी, कलश, आम के पत्ते, चौकी, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टा। अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली, कुशा और लाल चंदन। इसके अलावा सूप और डमरू।

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पंचामृत के लिए दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल। प्रसाद के लिए फल, बताशे, मिठाइयां, खील और शक्कर के खिलौने।

दीपावली को लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त और माता लक्ष्मी, कुबेर और इंद्र के प्रार्थना मंत्र के बारे में—

दीपावली मुहूर्त

अमावस्या तिथि: रविवार 27 अक्टूबर को दिन में 11:51 बजे से प्रारंभ होकर सोमवार 28 अक्टूबर को दिन में 09:14 बजे तक।

निर्णय सिन्धु के अनुसार, प्रदोष काल में ही दीपावली मनाई जाती है। ऐसे में प्रदोष काल 27 अक्टूबर को ही है, तो दीपावली रविवार को ही मनेगी।

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

प्रदोष काल: शाम 05:19 बजे से 07:53 बजे तक।

खाता पूजन: स्थिर लग्न वृश्चिक, दिन में सुबह 07:59 बजे से लेकर 10:16 तक। कुम्भ स्थिर लग्न दोपहर में 2:09 बजे से 3:40 बजे तक।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: वृष स्थिर लग्न रात्रि में 6:45 बजे से 8:41 बजे तक।

दिपावली के दिन स्थिर लग्न में माता लक्ष्मी की पूजा करना ज्यादा लाभप्रद होता है।

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तांत्रिक पूजा: तांत्रिक पूजा के लिए महानिशीथ काल लगभग देर रात 12:40 से 02:00 बजे तक है।

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