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कालाष्टमी की शाम आजमाएं इनमें से कोई 1 उपाय, सभी प्रकार के संकट और दुखों से मिलेगी मुक्ति?

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कालाष्टमी का व्रत आज यानी 10 जनवरी, शनिवार को है। इस दिन विधि-विधान से बाबा काल भैरव की पूजा और व्रत करने का विधान होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिल सकती है। वहीं, इस दिन शाम को कुछ उपाय करने भी बेहद शुभ होते हैं। अगर आप इनमें से कोई एक उपाय आजमा लें तो इससे जीवन के संकटों और दुखों से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही, धन की कमी भी नहीं होती है।

कालाष्टमी का व्रत माघ मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाएगा, जो इस बार आज यानी 10 जनवरी, शनिवार को है। इस तिथि पर बाबा काल भैरव की पूजा करने का विधान होता है। मान्यता है कि कालाष्टमी का व्रत और पूजा करने से जातक को बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ उपाय करना भी बेहद अच्छा होता है। मान्यता है कि मनुष्य अगर कालाष्टमी की शाम विधिपूर्वक कुछ उपाय कर ले तो इससे जीवन के सभी प्रकार के संकटों और दुखों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, आर्थिक तंगी भी दूर हो सकती है और धन की तिजोरी कभी भी खाली नहीं रहती है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें कालाष्टमी की शाम के कुछ विशेष उपाय।

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सरसों के तेल के दीपक का उपाय

कालाष्टमी के दिन शाम के समय भगवान काल भैरव के सामने सरसों के तेल का काली बाती वाला दीपक जलाना चाहिए। इसके पश्चात, मन को शांत करके ध्यानपूर्वक ‘ओम कालभैरवाय नमः‘ मंत्र का जाप करें। ऐसा कम से कम 108 बार अवश्य करें। कालाष्टमी की शाम इस उपाय को करने से जातक को भय से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और इसके स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

काल भैरव गायत्री मंत्र का करें जाप

जीवन में बाधाओं, भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने के लिए कालाष्टमी के दिन शाम की पूजा के साथ-साथ गायत्री मंत्र का जाप भी अवश्य करना चाहिए। काल भैरव गायत्री मंत्र भगवान शिव के रौद्र रूप भैरव बाबा को समर्पित है। ‘ओम कालभैरवाय विद्महे काशीवासाय धीमहि तन्नो भैरवः प्रचोदयात्’ इस गायत्री मंत्र का जाप करने से जातक को जीवन की समस्याओं से भी मुक्ति मिल सकती है और मानसिक शांति व एकाग्रता बढ़ती है। इसके अलावा, आप काल भैरव चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।

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कालाष्टमी की शाम इन चीजों का करें दान

​कालाष्टमी के दिन व्रत रखने के साथ-साथ कुछ विशेष चीजों का दान भी अवश्य करना चाहिए। मान्यता है कि अष्टमी तिथि पर काल भैरव के मंदिर में काले तिल, काली उड़द और सरसों का तेल अर्पित करना चाहिए। ऐसा संभव न हो तो आप घर के मंदिर में भी काल भैरव बाबा के चीजें चढ़ा सकते हैं। इसके बाद, किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को सरसों का तेल, काली उड़द और काले तिल दान करने चाहिए। इससे आपको जीवन की बाधाओं व दुखों से मुक्ति मिल सकती है।

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शिव मंदिर में जलाएं दीपक

माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शाम के वक्त प्रदोष काल में भगवान शिव के मंदिर में 8 सरसों के तेल दीपक जलाने चाहिए। ऐसा करने से जातक को भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही, इस दिन शाम को कुत्ते को रोटी भी अवश्य खिलाएं। ऐसा करने से जरूरी कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं और करियर में भी उन्नति के द्वार खुल सकते हैं। अगर आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो इस उपाय को एक बार जरूर आजमाकर देखें। इससे पैसों की तंगी दूर हो सकती है और धन लाभ के योग बन सकते हैं।

निष्कर्ष
कालाष्टमी की शाम केवल एक तिथि नहीं, बल्कि संकटों से मुक्ति का अवसर है। यदि जीवन में दुख, भय, बाधा या असफलता बार-बार सामने आ रही है, तो कालाष्टमी की शाम ऊपर बताए गए उपायों में से कोई एक उपाय अवश्य करें।