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ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति

विष्णु पुराण में कहा गया है की अव्यक्ताद्व्यक्तयः सर्वाः प्रभवन्त्यहरागमे। रात्र्यागमे प्रलीयन्ते तत्रैवाव्यक्तसंज्ञके।। संपूर्ण चराचर भूतगण ब्रह्मा के दिन के…

admin9 फ़रवरी 20165 मिनट

कर्म और भाग्य

प्रकृति ने मनुष्य को एक अनोखा गुण दिया है - विचार। इसी के कारण मनुष्य अन्य जीव-जंतुओं से भिन्न है…

admin9 फ़रवरी 20165 मिनट

राम और राम सेतु

चतुर नल और नील ने सेतु बांधा। श्रीराम जी की कृपा से उनका यह यश सर्वत्र फैल गया। जो पत्थर…

admin5 फ़रवरी 20164 मिनट

ज्योतिष में शोध

ज्योतिष वेदांग है। वेदों की रचना स्वयं ब्रह्मा ने की थी। तब से वेद श्रवण-कथन द्वारा एक से दूसरे के…

admin26 जनवरी 20165 मिनट

गंडमूल संज्ञक नक्षत्र

संधिकाल या संक्रमण काल सदैव से ही अशुभ, हानिकारक, कष्टदायक एवं असमंजसपूर्ण माना जाता रहा है। संधि से तात्पर्य है…

admin22 जनवरी 20165 मिनट

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