जीना मुश्किल कर देते हैं राहु-केतु के अशुभ प्रभाव ! जानें इसके निदान
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ग्रहों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शनि की तरह राहु और केतु को भी क्रूर ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि अगर कुंडली में राहु-केतु अशुभ स्थिति में हों तो जीवन में कई परेशानियां आने लगती हैं। राहु-केतु छाया ग्रह माने जाते हैं। कुंडली में राहु-केतु की अशुभ स्थिति में कालसर्प दोष का निर्माण होता है। इस दौरान व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर कुंडली में राहु-केतु की महादशा हो, तो इससे बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय।
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राहु -केतु दोष
शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में राहु दोष होता है, उसे हमेशा मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। राहु के दोष से आपको आर्थिक रूप से नुकसान होगा, साथ ही आपकी मूल्यवान चीजें गायब हो जाती होंगी। इसके कारण व्यक्ति गुस्से वाला बन जाता है और छोटी-छोटी बातों पर चिड़ने लगता है। राहु दोष के कारण कोर्ट-कचहरी के चक्कर ज्यादा लगाने पड़ते हैं।
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शास्त्रों के अनुसार यदि कुंडली में केतु ग्रह का अशुभ प्रभाव हो, तो व्यक्ति को शारीरिक परेशानियां होने लगती हैं जिस व्यक्ति की कुंडली में केतु दोष होता है, उसे जोड़ों का दर्द, त्वचा संबंधी समस्याएं, रीढ़ की हड्डी की समस्याएं आदि जैसी कई बीमारियां होती हैं।
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