अन्य लेख गणेश मंत्र लेखकadmin admin18 दिसंबर 20151 मिनट355 वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।। ALSO READ कुंडली में कौन-सा ग्रह किस चीज़ का कारक होता है? जानिए 9 ग्रहों का महत्व