सहज सेवा धर्म-
सहज सेवा धर्म-
सहज सेवा से ईष्वर को प्रसन्न किया जा सकता है और कुंडली के ग्रह दोषों को दूर किया जाना संभव है, जैसे कि शबरी के झूठे बेर खाकर राम प्रसन्न हो गए थे। सहज सेवा धर्म आपके नित्यचर्या में सहजता के साथ करने से ग्रहीय दोषों का समाधान दे सकता है। वह सहज समाधान समोसे के साथ हरी चटनी या दोसा या आईसक्रीम भी आपके ग्रह से संबंधित दोषों की निवृत्ति करने में कारगर उपाय बन सकती है।
यदि किसी की कुंडली में बुध खराब स्थिति में हों और गोचर में बुध की दषा चल रही हो तो उसे स्वयं हरी चटनी का सेवन नहीं करना चाहिए किंतु किसी अन्य को कराने से बुध ग्रह की शांति संभव है इसी प्रकार यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा खराब होकर गोचर में भ्रमण करें तो उसे दोसा या नारियल के पेडे का दान करना चाहिए। सूर्य हेतु सेब या मिष्ठान, गुरू हेतु पपीता या बेसन के चीले, शनि हेतु पानीपुरी या दही बडे जैसे पदार्थ तथा शुक्र हेतु चटपटे खाद्य पदार्थ किसी को खिलाकर अपने ग्रह की स्थिति को सुधारा जा सकता है। इस प्रकार सहज सेवा धर्म द्वारा किसी को प्रसन्न कर ग्रहीय दोषों को दूर करना संभव है….
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