Karwa Chauth 2019 Puja ki Aasan Vidhi: कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा मनाया जाने वाला पर्व करवा चौथ इस वर्ष 17 अक्टूबर गुरुवार को होगा। चंद्रोदय का समय रात्रि में 7 बजकर 58 बजे है। चन्द्रमा को अर्घ्य देकर स्त्रियां अखण्ड-सौभाग्य एवं पारिवारिक-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं। अति महत्वपूर्ण करवाचौथ को पुराणों में करक-चतुर्थी के नाम से उद्घोषित किया गया है। इसके अधिपति देवता गौरी-गणेश माने गए हैं।
सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जल-व्रत रहते हुए महिलाएं गौरी-गणेश, शिव एवं भगवान कार्तिकेय का पूजन कर अखण्ड समृद्धि के प्रतीक 10 करवे को समर्पित करती हैं।
पूजा का मुहूर्त
शाम को 06 बजकर 28 मिनट से रात 09 बजकर 43 मिनट तक।
चंद्रमा को अर्घ्य देने का मुहूर्त
रात्रि में 7 बजकर 58 बजे से।
करवा चौथ पूजा की आसान विधि
निर्जला व्रत रखते हुए चंद्रमा के उदय होने पर संकल्प के साथ पुष्प, अक्षत्, रोली, नारा(मौली), चावल एवं हल्दी को पीसकर बनाया गया ऐपन, खड़ी सुपारी, छुट्टा पान, फल, भोग का लड्डू एवं वस्त्रादि से विधिवत गौरी-गणेश का पूजन करें।
इस दौरान चौथ की कथा सुनना अथवा स्वयं पढ़ना चाहिए। प्रारम्भ में पूजन साक्षी के निमित्त दीपक अवश्य जलाना चाहिए। भोग समर्पित करने से पहले धूप-अगरबत्ती अवश्य दिखाना चाहिए।
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