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क्या आपको भी बात-बात पर आता है गुस्सा ? तो करें ये उपाय

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                                  क्या आपको भी बात-बात पर आता है गुस्सा

क्रोध या गुस्सा, किसी चीज को नापसंद करने पर स्वाभाविक रूप से होने वाली प्रतिक्रिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों में क्रोध और गुस्से की भावना के कारण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, क्रोध केवल भावनाओं या शक्ति का शारीरिक प्रदर्शन नहीं है, इसके कई रूप हो सकते हैं। लोग अपनी आक्रामकता को अलग-अलग तरीकों से व्यक्त कर सकते हैं। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन, क्रोध या गुस्से की भावना को मानसिक शांति के लिए अच्छा मानता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह आपको नकारात्मक भावनाओं को व्यक्त करने का एक तरीका देता है। लेकिन यदि आपको बार-बार या बहुत अधिक क्रोध आता है, जो आपके नियंत्रण की सीमा से बाहर चला जाता हो तो इसे नुकसानदायक माना जाता है।

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मनोचिकित्सक कहते हैं, क्रोध के कारण बढ़ा हुआ ब्लड-प्रेशर और इससे जुड़े अन्य शारीरिक परिवर्तन सोचने की क्षमता को प्रभावित करने के साथ कई प्रकार से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पर आखिर लोगों में बहुत ज्यादा या बार-बार गुस्सा आता क्यों है? मस्तिष्क में ऐसे कौन से परिवर्तन हैं जो लोगों को गुस्सैल बना देते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

  1. क्यों आता है बार-बार गुस्सा?
    मनोचिकित्सक कहते हैं, गुस्सा किसी को भी, किसी भी बात के खिलाफ आ सकता है।  हर किसी में इसके कारण भिन्न हो सकते हैं। कुछ लोगों में पारिवारिक समस्याएं, वित्तीय संकट, काम से संबंधित तनाव या रिश्तों में चल रही मुश्किलें भी गुस्से को ट्रिगर कर सकती हैं। जबकि कुछ लोगों में तमाम तरह के मानसिक विकारों के कारण भी अक्सर गुस्से की भावना आ सकती है। यदि आपको बार-बार गुस्सा आ रहा है, तो इस बारे में किसी मनोचिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है।
  2. गुस्से को बढ़ाने वाले कारक
    मनोचिकित्सक बताते हैं, स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याएं भी अनियंत्रित और बार-बार होने वाले गुस्से का कारण बन सकती हैं। अक्सर अवसाद यानी कि डिप्रेशन के शिकार लोगों में छोटी से छोटी स्थिति में निराशा और क्रोध आने की समस्या देखी जा सकती है। कुछ मामलों में मिर्गी की समस्याएं भी गुस्से को बढ़ावा दे सकती हैं। ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) एक प्रकार का चिंता विकार है जो व्यक्ति के व्यवहार पर असर डालती है। ऑब्सेसिव विचारों के कारण भी लोग अत्यधिक गुस्से का शिकार हो सकते हैं।  ध्यान रखें, इन सभी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों का समय रहते निदान और इलाज कराना आवश्यक माना जाता है।
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ऐसे करें कंट्रोल
कई बार गुस्‍सा रिश्ते के बीच दीवार खड़ी करने और इनके टूटने का सबब भी बन सकता है. इसलिए इससे दूरी बनाएं और जब गुस्सा आए तो इसे कंट्रोल करने के लिए मन ही मन 10 से लेकर 1 तक उल्‍टी गिनती गिनें।

  1. शांत रहें और गहरी सांस लें
    गुस्से में हार्ट बीट काफी बढ़ जाती है. ऐसे में गहरी सांस लें जिससे आपकी सभी इंद्रियों को आराम मिलेगा. इससे दिमागी तनाव कम होगा और आपको गुस्‍सा काबू करने में मदद मिलेगी।
  2. अच्छी नींद जरूर लें
    कई बार गुस्सा आने के पीछे अधूरी नींद भी जिम्मेदार हो सकती है. कई बार नींद पूरी न होने की वजह से बात-बात पर हम चिड़चिड़ाते हैं और खीज दूसरों पर निकालते हैं. इसलिए बेहतर है कि अच्छी नींद लें।