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शनि की दृष्टि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय

शनि की दृष्टि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय

जानिए, शनि की दृष्टि के दुष्परिणामों से बचने के लिए क्या- क्या उपाय करने चाहिए.

सभी ग्रहों के पास अपनी एक ही दृष्टि होती है और उसे सातवीं दृष्टि कहा जाता है. लेकिन बृहस्पति, मंगल और शनि के पास अन्य दृष्टियां भी होती हैं. इन सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा ताक़तवर और क्रूर दृष्टि शनि की मानी जाती है. इसके पास सातवीं दृस्टि के अलावा तीसरी और दसवीं दृष्टि भी होती है, जो की बेहद खतरनाक होती है. ये दृष्टि जिस ग्रह, भाव या व्यक्ति पर पड़ती है, तो उसका नाश भी कर सकती है. शनि की दृष्टि अलग-अलग ग्रहों पर पड़कर अलग-अलग दुष्परिणाम पैदा कर सकती है.

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अगर शनि की दृष्टि का प्रभाव अशुभ हो तो क्या उपाय करें-

  • हर शनिवार के दिन लाल वस्त्र धारण करके हनुमान जी के समक्ष खड़े हों और हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  • रोज सायंकाल पश्चिम दिशा की ओर दीपक जलाकर शनि देव के मंत्र का जाप करें.
  • घर के छोटो और सहायकों के साथ अच्छा व्यवहार रखें.
  • नीले या आसमानी रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें.
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शनि की शांति के उपाय:

    • व्रत और पूजा: शनिवार को शनि देव की पूजा करना, शनिवार का व्रत रखना और शनि मंत्रों का जाप करना।
    • दान और सेवा: गरीबों और दीनों की मदद करना, उन्हें भोजन, कपड़े, और आवश्यक सामग्री देना।

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शनि की दृष्टि से बचाव के उपाय:

    • शनि शांति यंत्र: शनि शांति यंत्र का धारण करना। ये यंत्र ज्योतिषीय दृष्टि से शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • अष्टद्रव्य यज्ञ: अष्टद्रव्य यज्ञ आदि करना, जिससे शनि के दुष्परिणामों को शांत कर सकें।

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