जन्माष्टमी व्रत,जानें कब रखा जाएगा? दोनों ही तिथियों में नहीं है रोहिणी नक्षत्र !
जन्माष्टमी व्रत,जानें कब रखा जाएगा? दोनों ही तिथियों में नहीं है रोहिणी नक्षत्र ! एक बार फिर से कृष्ण जन्माष्टमी…

जन्माष्टमी व्रत,जानें कब रखा जाएगा? दोनों ही तिथियों में नहीं है रोहिणी नक्षत्र ! एक बार फिर से कृष्ण जन्माष्टमी…
https://youtu.be/IVQzgGqQwsk
https://www.youtube.com/watch?v=C4QR2A8lVDM
भारतीय परंपरा में विवाह संस्कार एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। विवाह जीवन का एक आवश्यक अंग है, जिसके द्वारा…
मेष- सप्ताह की शुरूआत यात्रा से होगी… सप्ताहांत के बाद कार्य में वापसी से कार्य की अधिकता रहेगी..…
ज्योतिष शास्त्र और समुद्र शास्त्र के अनुसार हमारे शरीर का एक-एक अंग हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है।…
प्रथम पूज्य भगवान गणेश को बुद्धि के देवता कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से अच्छा करियर शिक्षा…
बुधवार के स्वामी बुध ग्रह हैं, जो बुद्धि के कारक माने जाते हैं। किसी भी काम में सफलता की गारंटी…
मेष राशि – मेष राशि के जातकों को इस सप्ताह स्वयं लक्ष्य पर केंद्रित होकर कार्य करना होगा। ध्यान भटकने…
अंक ज्योतिष से जानें की आपको कौन सा रत्न धारण करना चाहिए अंक ज्योतिष के अनुसार आपके लिए शुभ रत्न…
भवन निर्माण एवं वास्तु विज्ञान दो अलग अलग विषय हैं। एक व्यक्ति अपने मनोनुकूल गृह का निमार्ण तो करवा सकता…
विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः। लोक प्रकाशकः श्री माँल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः॥ लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा। तपनस्तापनश्चैव शुचिः सप्ताश्ववाहनः॥ गभस्तिहस्तो ब्रह्मा…
नवग्रहों में सूर्य को आत्मा का कारक ग्रह कहा गया है। यही वजह है कि सूर्य हम सभी की आत्मा…
सप्तम भाव विवाह और गृहस्थी के सुख की दृष्टि से बड़ा ही महत्वपूर्ण भाव है। जितना महत्व इसमें उपस्थित राशि…
जब कुंडली में हो मंगल दोष--मंगली दोष कैसे करें दूर? यदि प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्ठम व द्वादश भावों में कहीं…
सृष्टि के आरंभ से ही नर और नारी में परस्पर आकर्षण विद्यमान रहा है, जिसे प्राचीन काल में गंर्धव विवाह…
किसी जातक का आजीविका का साधन क्या हो सकता है। यह उसकी कुंडली से जाना जा सकता है। कई बार…
राहु के सम्बन्ध में समुद्र मंथन वाली कथा से प्राय: सभी परिचित है, एक पौराणिक आख्यान के अनुसार राहु दैत्यराज…
उपनिषदों के अनुसार आत्मचेतना में आत्मा की गति स्थूल कोषों से सूक्ष्म कोषों की ओर होती है। किन्तु वह सूक्ष्मतम…
आमतौर पर वैदिक ज्योतिष में जब ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति (Debilitated and inaspicious position of planets) )मे होते है…
अर्थस्य अर्थोलोके अर्थात् इस अर्थ युगीन दुनिया में कहीं ना कहीं धन की बड़ी महत्ता समझ में आती है। चाहें…
शुक्र ग्रह और चंद्रमा की पूजा करने से महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. लेकिन कुछ कार्यों के करने…
हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. भगवान…
कार्यक्षेत्र में सफलता एवं उन्नति हेतु व्यक्ति में अनेक गुण होने चाहिए, जोकि एक ही व्यक्ति में संभव नहीं है।…
निरंतर चलायमान रहने अर्थात् किसी जातक को अपने जीवन में निरंतर उन्नति करने हेतु प्रेरित करने तथा बदलाव हेतु तैयार…
तिथीषावहिनकौगौरी अर्थात् मूहुर्तचिंतामणि नामक ग्रंथ में उल्लेखित श्लोक के अनुसार प्रत्येक चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेष भगवान हैं परंतु प्रत्येक…
भारतीय ज्योतिष में कुंडली मिलान के लिए प्रयोग की जाने वाली गुण मिलान की विधि में मिलाएॅ जाने वाले अष्टकूटों…
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में जिस प्रकार ग्रहों में आपस में मित्रता-षत्रुता तथा समता होती है, उसी का असर जीवन में…
विवाह संस्कार को भारतीय समाज में एक धर्म का दर्जा दिया गया है, जिसमें दो व्यक्ति का जीवन एक होकर…
किसी जातक का सामान्य प्रष्न होता है कि उसका विवाह कब होगा। इसकी जानकारी के लिए उस जातक की राषि…
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