25 अक्टूबर 2020 का राशिफल: शक्तियों की प्राप्ति हेतु करें मां सिद्धिदात्री की पूजा
शुभ संवत 2077 शक 1942 सूर्य दक्षिणायन का…द्वितीय (शुद्ध) आश्विन मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि … दिन को 07 बजकर…
शुभ संवत 2077 शक 1942 सूर्य दक्षिणायन का…द्वितीय (शुद्ध) आश्विन मास शुक्ल पक्ष नवमी तिथि … दिन को 07 बजकर…
दिनांक 14.08.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य दक्षिणायन का भाद्रपद कृष्ण पक्ष दसमी तिथि …दोपहर को 02 बजकर…
16 अगस्त, रविवार से वैष्णो देवी यात्रा शुरु हो रही है। कटरा में स्थित वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले भक्तों…
ज्योतिष में, बृहस्पति ग्रह की स्थिति को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। बृहस्पति ग्रह सभी ग्रहों में सबसे अधिक भारी…
दिनांक 05.08.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य दक्षिणायन का भाद्र्पद कॄष्ण पक्ष द्वितीया तिथि … रात्रि को 10…
नौ ग्रहों में युवराज कहे जाने वाले बुध ग्रह जिसका सीधा संबंध बुद्धि से होता है, 2 अगस्त, रविवार को…
29 साल बाद विशेष मुहूर्त में मनाये रक्षा बँधन- रक्षासूत्र का पावन पर्व सावनमास की पूर्णिमा के दिन मनाया…
दिनांक 03.08.2020 का पंचाग शुभसंवत 2077शक1942सूर्यदक्षिणायन का श्रावणमास शुक्लपक्ष पू्र्णिमा तिथि … रात्रि को 09बजकर29मिनट तक … दिन … सोमवार…
Purvashada Nakshatra: जिस तरह से हमने आपको यह बताया था कि कर्क राशि या तुला राशि के जातक कैसे होते हैं,…
Numerology का ज्योतिष शास्त्र में विशेष स्थान है। क्योंकि इसके आधार पर आप काफी कुछ जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।…
Shravan Putrada Ekadashi Vrat 2020: हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाता…
रायपुर (etoi news) 29.07.2020 दिनांक 30.07.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य दक्षिणायन काश्रावण मास शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि…
दिनांक 11.07.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण काश्रावण मास कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि … दोपहर को 01…
ज्योतिष सास्त्र में अनेक प्रकार के योग बनते हैं। ये योग अगर शुभ ग्रहों के साथ बन रहे हों तो…
दिनांक 08.07.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण काश्रावण मास कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि … दिन को 09…
विष्णु मंत्र का प्रयोग सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जी की आराधना के लिए होता है। जिस प्रकार ब्रह्मा जी…
22 जून, सोमवार से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, और 1 जुलाई 2020, बुधवार को इसकी समाप्ति होगी।…
कोरोना काल का यह समय हम सभी के जीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर चुका है, ऐसे में साल…
उग्र ग्रह कहे जाने वाले और ग्रहों में सेनानायक का दर्जा प्राप्त मंगल ग्रह, कुंभ राशि से मीन राशि में…
दिनांक 16.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि … प्रातः को…
ज्योतिषशास्त्र के अनेक प्रकार हैं जिनमें समुद्रशास्त्र भी शामिल है। समुद्रशास्त्र के मुताबिक मानव शरीर के निशानों से उनके जीवन…
हमारे जीवन में विवाह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार होता है। हिंदू धर्म में इस संस्कार के लिए अनेक तरह के…
अंक ज्योतिष के अनुसार नाम में थोड़ा-सा फेरबदल करने मात्र से ही उस व्यक्ति के भाग्य में बहुत बदलाव आ…
दिनांक 08.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …अषाढ़ मास कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि … रात्रि को…
दिनांक 06.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …अषाढ़ मास कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि … रात्रि को…
दिनांक 01.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि … दांपहर को…
दिनांक 28.05.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि … रात्रि को…
दिनांक 26.05.2020 का पंचाग सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि … रात्रि को 01 बजकर 10 मिनट…
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह का विशेष महत्व बताया गया है। यह स्त्री, प्रणय, विवाह, वैभव, विलास, राग-रंग, कला, कल्चर,…
भगवान भोले नाथ और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए सोमवार का व्रत बहुत ही लाभकारी और पुण्यदायी है। सोमवार का व्रत श्रावण, चैत्र, वैशाख, कार्तिक और माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू किया जाता है, कहते हैं इस व्रत को 16 सोमवार तक श्रद्धापूर्वक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, सोमवार व्रत का विधान बहुत ही सरल और सहज है। सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजन का विशेष महत्व है। सोमवार को शिव का दिन कहा जाता है। इसलिए शिवालयों में भक्तों की अधिक भीड़ रहती है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान की वंदना करने से समस्त दुखों का नाश होता है। इस दिन प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, दिन भर मन प्रसन्न रखें, क्रोध, ईष्र्या, चुगली न करें। दिन भर शिव के पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय का मन ही मन जप करते रहें। सायंकाल को प्रदोष बेला कहते हैं। इस समय यदि भगवान शिव के मंदिर जा सके तो समस्त दोष दूर हो जाते हैं और सायंकाल शिव मंदिर में या अपने घर में ही मिट्टी से शिवलिंग और पार्वती तथा श्री गणेश की मूर्ति बनाकर पूजन करें, इनमें दूवी, सफेद फूल, मालाओं से शिवपूजन समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है। कहा जाता है कि सोमवार का व्रत करने वाले भक्तों के जीवन से हर कष्ट समाप्त हो जाते हैं…
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