वास्तु दोष क्या होता है?
वास्तु दोष घर में सभी कार्यों को लगातार बाधित करते रहते हैं। व्यक्ति का भाग्य साथ नहीं देता है, इन सभी समस्याओं के निदान के लिए यह जान लेना बहुत जरूरी है कि वास्तु दोषों के लक्षण क्या होते हैं और इनसे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है।
वास्तु दोष को अधिकतर उत्तर भारत में अधिक मान्यता दी जाती है। वास्तु शास्त्र के जनक कहे जाने वाले विश्वकर्मा ने वास्तु दोषों के लक्षण और उसके निवारण के बारे में अच्छी तरह से वर्णन किया है। ऐसी मान्यता है कि सभी तरह की पौराणिक और प्राचीन रचनाएं विश्वकर्मा द्वारा बनाई गईं हैं।
वास्तु दोष के लक्षण
1. कभी भी ताज़ा महसूस न होना।
2. धन का हमेशा अपव्यय होना।
3. बार-बार गलत लोगों से पाला पड़ना।
4. अपने कम्फर्ट जोन से बाहर न आ पाना।
5. हमेशा किसी न किसी बीमारी से घिरे रहना।
6. किसी भी नए कार्य में अड़चनें पैदा होना।
7. परिवार में हमेशा चिंतामय माहौल।
8. योजना या कार्यों में तरक्की न मिलना।
वास्तु दोष को कैसे दूर करें?
वास्तु दोषों को दूर करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह कई बार किसी भी काम को सफल नहीं होने देता है। बुरी परिस्थितियों से उबरने के लिए, सफलता प्राप्त करने के लिए, घर में हंसी-ख़ुशी का माहौल बनाये रखने के लिए, हर सदस्य की तरक्की के लिए वास्तु दोषों का निवारण किया जाना बहुत जरुरी है।
कपूर का प्रयोग :
वास्तु दोषों से छुटकारा पाने के लिए कपूर एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसलिए घर के हर कोने में कपूर की एक टिकिया रखनी चाहिए। इसी के साथ रोजाना प्रातःकाल और संध्या के समय कपूर को घी में भिगोकर जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकरात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। रात्रि के दौरान रसोईं में सब काम खत्म होने के बाद एक छोटी कटोरी में लौंग और कपूर जलाना शुभ माना जाता है।
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