Vastu

Worry About Children Exams!!! ये उपाय करने से आपके बच्चों का पढाई में मन भी लगेगा और सफलता भी प्राप्त होगी

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बच्चों के पढ़ाई को लेकर आज के समय हर मां-बाप चिंतित रहता है। हर माता-पिता यहीं चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में अव्वल रहे ताकि वे बड़ा होकर अपने पैरों पर खड़ा होकर उनका नाम रोशन कर सके। ऐसे में हर छात्र अपनी तरफ से पूरी कोशिश करता है कि उसका पूरा ध्यान पढ़ाई में रहे और बेहतर अंको से परीक्षा पास करे। लेकिन कई बार हम जो सोचते हैं वैसा नहीं हो पाता है। आज के समय में ऐसे बहुत ले बच्चे होंगे जिनका पढ़ाई में मन नहीं लगता होगा। ऐसे में इसके पीछे का कारण घर में मौजूद वास्तु दोष भी हो सकता है। अगर आपके घर में भी वास्तुदोष है तो हम आपको कुछ आसान उपाय बताने जा रहे हैं, जिनको करने से घर का वातावरण ठीक हो जाएगा और पढ़ाई में भी मन लगने लगेगा।

पढ़ाई की मेज रखने की सबसे उपयुक्त जगह उत्तर जोन है। यहां मेज रखने से बच्चे कॅरियर पर सबसे ज्यादा ध्यान देते है।

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वास्तु के हिसाब से ध्यान और शांति की दृष्टि से पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा शुभ मानी गई है। सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव भी इसी दिशा में सबसे अधिक होता है। ऐसे में ध्यान रहे कि अध्ययन कक्ष इन्हीं दिशाओं में हो और पढ़ते समय चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे।

पढ़ाई के लिए कमरे में पुस्तकों की छोटी और हल्की रैक या अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए। इससे स्मरण शक्ति बड़ती है

अध्ययन कक्ष में शौचालय न हो तो अच्छा है, लेकिन यदि है तो उसका दरवाज़ा हमेशा बंद रखना चाहिए।

पढ़ाई करने वाली मेज पर उत्तर-पूर्व में श्री गणेश, सरस्वती या अपने इष्ट देव की तस्वीर लगाना और पढ़ने बैठने से पूर्व उन्हें प्रणाम करना बेहद लाभकारी होता है।