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नौकरी और व्यापार में बाधा के प्रमुख वास्तु दोष और उनके सरल उपाय?

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आज के समय में व्यक्ति दिन-रात मेहनत करता है, योग्यता भी रखता है, अनुभव भी होता है, फिर भी नौकरी में स्थिरता नहीं रहती, प्रमोशन रुक जाता है, व्यापार में घाटा, कर्ज, क्लाइंट की कमी या अचानक रुकावटें आने लगती हैं। ऐसे में लोग इसे केवल भाग्य या ग्रह दशा मान लेते हैं, जबकि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर, ऑफिस या दुकान में मौजूद कुछ सूक्ष्म वास्तु दोष ही इन समस्याओं का मुख्य कारण बनते हैं।

वास्तु शास्त्र मानता है कि व्यक्ति का कर्म, ग्रह और वास्तु – तीनों मिलकर जीवन की दिशा तय करते हैं। यदि कर्म और ग्रह अनुकूल हों लेकिन वास्तु दोष हो, तो सफलता बार-बार हाथ से निकल जाती है।

वास्तु दोष कैसे बनता है नौकरी और व्यापार में बाधा का कारण

वास्तु शास्त्र पंचतत्व – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश – पर आधारित है। जब इन तत्वों का संतुलन घर या कार्यस्थल में बिगड़ता है, तो उसका सीधा प्रभाव व्यक्ति की मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता, धन प्रवाह और अवसरों पर पड़ता है।

नौकरी और व्यापार से जुड़े दोष मुख्यतः निम्न क्षेत्रों से उत्पन्न होते हैं:

  • उत्तर दिशा (धन और अवसर)
  • उत्तर-पश्चिम (नौकरी और मूवमेंट)
  • दक्षिण-पूर्व (व्यापार और अग्नि तत्व)
  • ब्रह्म स्थान (ऊर्जा केंद्र)

नौकरी में बाधा उत्पन्न करने वाले प्रमुख वास्तु दोष

1. उत्तर दिशा का अवरुद्ध होना

उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा जाता है।
यदि इस दिशा में:

  • भारी सामान
  • कूड़ादान
  • स्टोर रूम
  • टॉयलेट
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हो, तो व्यक्ति को नौकरी में:

  • इंटरव्यू में असफलता
  • अवसर मिलकर भी छूट जाना
  • वेतन वृद्धि में रुकावट
  • स्थायी नौकरी न मिलना

जैसी समस्याएँ आती हैं।

उपाय:
उत्तर दिशा को साफ-सुथरा और हल्का रखें। हरे रंग का प्रयोग करें, जल तत्व बढ़ाने के लिए छोटा फव्वारा या जल पात्र रखें।

2. उत्तर-पश्चिम दिशा का दोष

उत्तर-पश्चिम दिशा को वायव्य कोण कहा जाता है, जो नौकरी, ट्रांसफर और मूवमेंट से जुड़ा है।

यदि यहां:

  • अग्नि तत्व (लाल रंग, चूल्हा)
  • भारी अलमारी
  • बंद पड़ी जगह

हो, तो व्यक्ति:

  • बार-बार नौकरी बदलता है
  • बॉस से मतभेद झेलता है
  • नौकरी में टिक नहीं पाता

उपाय:
इस दिशा में हल्के रंग (क्रीम, सफेद) रखें, हवा का प्रवाह बनाए रखें।

3. दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार

दक्षिण दिशा का मुख्य द्वार होने पर व्यक्ति को:

  • वरिष्ठ अधिकारियों का विरोध
  • नौकरी में तनाव
  • मेहनत का पूरा फल न मिलना

जैसी समस्याएँ आती हैं।

उपाय:
मुख्य द्वार पर तांबे का सूर्य यंत्र या वास्तु स्वास्तिक लगाएँ।

4. ब्रह्म स्थान का दोष

घर या ऑफिस के बीच का स्थान ब्रह्म स्थान कहलाता है। यदि यहां:

  • सीढ़ी
  • खंभा
  • भारी मशीन

हो, तो यह कैरियर ग्रोथ रोक देता है

उपाय:
ब्रह्म स्थान को खुला रखें, वहां हल्का प्रकाश रखें।

व्यापार में नुकसान और रुकावट के वास्तु दोष

1. दुकान या ऑफिस का गलत मुख

व्यापार स्थल का मुख यदि:

  • दक्षिण-पश्चिम
  • दक्षिण

हो, तो व्यापार में:

  • घाटा
  • ग्राहक न आना
  • पैसा फँसना
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जैसी समस्याएँ आती हैं।

उपाय:
उत्तर या पूर्व मुख सबसे उत्तम माना जाता है। संभव न हो तो वास्तु यंत्र का प्रयोग करें।

2. दक्षिण-पूर्व का दोष (अग्नि कोण)

दक्षिण-पूर्व को व्यापार की सफलता का केंद्र माना जाता है।
यदि यहां:

  • पानी
  • टॉयलेट
  • कचरा

हो, तो व्यापार:

  • घाटे में जाता है
  • साझेदारी टूटती है

उपाय:
इस दिशा में लाल रंग, प्रकाश और अग्नि तत्व बढ़ाएँ।

3. तिजोरी का गलत स्थान

तिजोरी यदि:

  • दक्षिण की ओर खुलती हो
  • टॉयलेट के पास हो

तो पैसा आता जरूर है लेकिन टिकता नहीं।

उपाय:
तिजोरी उत्तर दिशा की ओर खुले, अंदर लाल कपड़ा रखें।

4. कैश काउंटर के सामने बाधा

यदि कैश काउंटर के सामने:

  • खंभा
  • कांच का दरवाज़ा
  • बंद दरवाज़ा

हो, तो धन प्रवाह रुकता है।

उपाय:
काउंटर के सामने खुली जगह रखें, गणेश जी की छोटी प्रतिमा रखें।

घर के वास्तु दोष जो नौकरी-व्यापार दोनों को प्रभावित करते हैं

1. रसोई का गलत स्थान

यदि रसोई:

  • उत्तर या उत्तर-पूर्व में हो

तो निर्णय क्षमता कमजोर होती है।

2. शयन कक्ष में आईना

बेड के सामने आईना होने से:

  • मानसिक तनाव
  • नौकरी में अस्थिरता

बढ़ती है।

3. टूटा हुआ फर्नीचर

टूटा फर्नीचर रुके हुए अवसरों का प्रतीक होता है।

वास्तु दोष और ग्रहों का संबंध

कई बार कुंडली में ग्रह शुभ होते हैं लेकिन वास्तु दोष उनके फल को रोक देता है।

  • सूर्य कमजोर → नौकरी में मान-सम्मान की कमी
  • बुध कमजोर → व्यापार में नुकसान
  • शनि दोष → स्थिरता नहीं
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वास्तु उपाय से ग्रहों का प्रभाव भी सुधरता है।

नौकरी और व्यापार में सफलता के लिए सरल वास्तु उपाय

1. प्रतिदिन सूर्य को जल

घर के उत्तर-पूर्व से सूर्य को अर्घ्य दें।

2. नमक का उपाय

हर शनिवार घर के कोनों में सेंधा नमक रखें और अगले दिन बदल दें।

3. हरा पौधा

उत्तर दिशा में मनी प्लांट या तुलसी रखें।

4. दीपक उपाय

प्रतिदिन उत्तर-पूर्व में घी का दीपक जलाएँ।

ऑफिस और दुकान के लिए विशेष वास्तु उपाय

  • प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक
  • कैश काउंटर पर लाल कपड़ा
  • उत्तर दिशा में शीशा
  • दक्षिण-पश्चिम में भारी फर्नीचर

कब समझें कि समस्या वास्तु दोष की है

यदि:

  • बार-बार इंटरव्यू फेल हों
  • मेहनत के बाद भी प्रमोशन न मिले
  • व्यापार में अचानक गिरावट आए
  • पैसा आए और तुरंत खर्च हो जाए

तो यह स्पष्ट संकेत है कि वास्तु दोष सक्रिय है

निष्कर्ष
नौकरी और व्यापार में आने वाली बाधाएँ केवल भाग्य या ग्रहों का खेल नहीं होतीं। घर और कार्यस्थल का वास्तु यदि असंतुलित हो, तो व्यक्ति का पूरा परिश्रम निष्फल हो सकता है। 
अच्छी बात यह है कि वास्तु दोष के उपाय सरल, सस्ते और प्रभावी होते हैं, जिन्हें अपनाकर बिना तोड़-फोड़ के भी जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
वास्तु शास्त्र हमें सिखाता है कि जब वातावरण अनुकूल होता है, तब अवसर स्वयं चलकर आते हैं