Home Articles Home
Home

घर में कहां और किस दिशा में होना चाहिए मंदिर ?

घर में कहां और किस दिशा में होना चाहिए मंदिर ?

घर में कहां और किस दिशा में होना चाहिए मंदिर

ज्यादातर घरों में मंदिर जरूर होता है, जहां नियमित रूप से धूप बत्ती और पूजा होती है। दरअसल पूजा स्थान घर का देवस्थान होता है। जहां से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए आपका पूजा घर वास्तु के हिसाब से ऐसा होना चाहिए, जो आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बेहतर तरीके से कर पाए। दरअसल पूजा घर सही स्थान पर न होने के कारण कभी-कभी पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं हो पाता है। इसलिए पूजा घर बनवाते समय आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए, अगर आपके घर में पूजा घर है तो उसे भी वास्तु के कुछ नियमों से ठीक करवाकर अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार तेज कर सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जानते हैं कि घर का मंदिर कहां होना चाहिए और इसके नियम क्या हैं…

ALSO READ  🔱🚨 बड़ी खबर: श्री महाकाल धाम अमलेश्वर में पूजा-अनुष्ठान हुए शुरू! अब घर बैठे बुक करें वैदिक पूजा — संकल्प से लेकर अनुष्ठान तक पूरी व्यवस्था एक ही मंच पर

पूजा करने वाले व्यक्ति का मुंह पश्चिम दिशा में हो तो शुभ रहता है। इसके लिए मंदिर का द्वार पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।

घर के मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम को अगरबत्ती और दीपक जरूर जलाएं। दीपक जलाने से घर के कई वास्तु दोष दूर होते हैं।

शौचालय और पूजा घर पास-पास नहीं होना चाहिए। अगर मंदिर के आसपास बाथरूम है तो दरवाजे हमेशा बंद रखना चाहिए। दरवाजे पर पर्दा भी लगाना चाहिए।

पूजा स्थल के पास थोड़ी जगह खुली भी होना चाहिए, जहां आसानी से बैठकर पूजा की जा सके। पूजा के बाद कुछ देर ध्यान भी करना चाहिए।

ALSO READ  🔱🚨 बड़ी खबर: श्री महाकाल धाम अमलेश्वर में पूजा-अनुष्ठान हुए शुरू! अब घर बैठे बुक करें वैदिक पूजा — संकल्प से लेकर अनुष्ठान तक पूरी व्यवस्था एक ही मंच पर

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें