ऋषि पंचमी
भाद्रपद मास की शुक्लपक्ष की पंचमी को ऋषि पंचमी मनाई जाती है। इसे भादोषुदि भी कहते हैं। भगवान षिव एवं पार्वती का पूजन करते हैं। सूक्ष्म जीवो को आहार प्रदान किया जाता है। इसके लिए प्रातःकाल ब्रम्ह मुहूर्त में जागरण कर नदी का स्नान आदि कर गणेषजी तथा षिवपार्वती जी की पूजन करें। सोलह प्रकार के सप्तऋषियों की पूजा करें। इस दिन माता अरूंधति के नाम का जाप कर पूजन तथा हवन करने की भी प्रथा है। रात्रि में कथा सुनें तथा रात्रि जागरण करके षिव-पावर्ती, सप्तऋषि तथा माता अरूंधति...