चाम्पा में 22 जनवरी को विराट हिन्दू सम्मेलन, साथ होगा रुद्राक्ष जागरण एवं प्रतिष्ठा महोत्सव…
प्रेस विज्ञप्ति चाम्पा। सनातन धर्म, राष्ट्रधर्म, सांस्कृतिक चेतना तथा आध्यात्मिक शक्ति के जागरण हेतु विराट हिन्दू सम्मेलन एवं उसके प्रमुख…

प्रेस विज्ञप्ति चाम्पा। सनातन धर्म, राष्ट्रधर्म, सांस्कृतिक चेतना तथा आध्यात्मिक शक्ति के जागरण हेतु विराट हिन्दू सम्मेलन एवं उसके प्रमुख…
श्रीमहाकालाष्टकम् प्रणम्य खारूनतीरसंस्थितमहाकालं परब्रह्मरूपं ज्वलज्जटाजूटगङ्गाधरं त्रिनयनं कालान्तकं नित्यशान्तम्। भवभयहारि मनोहरं मुनिवरैः सेव्यं समाधिस्थितं अमलेश्वरं शशिशेखरं शरणं महाकालमीडे सदा॥1 गले गजचर्मविभूषणं,…
॥ गणपत्यथर्वशीर्ष पुरश्चरण विधि ॥ — यह अत्यंत पवित्र वैदिक स्तोत्र अथर्ववेद से उद्धृत है, और भगवान गणपति की वैदिक…
॥ वैभव प्रदाता श्रीसूक्तम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ — यह साधना महालक्ष्मी की स्थायी कृपा, दरिद्रता का नाश, और वैभव-समृद्धि…
वन्दे देवमुमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणं (शम्भुमुमापतिं) वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम् । वन्दे सूर्यशशाङ्कवह्निनयनं वन्दे मुकुन्दप्रियं वन्दे भक्तजनाश्रयं…
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानंद भाजां | भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शंकरं शंभुमीशानमीडे || १ || गळे रुंडमालं तनौ…
श्री शिवाष्टक आदि अनादि अनंत अखंड अभेद अखेद सुबेद बतावैं । अलग अगोचर रूप महेस कौ जोगि-जति-मुनि ध्यान न पावैं…
शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपम् नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम् घन घन घूर्णिमेघं घंघोरं घंन्निनादम् भज भज…
लिङ्गाष्टकं स्तोत्र: ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्…
श्री शिव सहस्त्रनाम ॐ स्थिराय नमः। ॐ स्थाणवे नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ भीमाय नमः। ॐ प्रवराय नमः । ॐ…
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै न काराय नमः शिवाय॥1॥ मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चितायनन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय। मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजितायतस्मै म काराय नमः…
॥ श्रीशिवरक्षास्तोत्रम् ॥ ॥ विनियोग ॥ श्री गणेशाय नमः॥ अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य ऋषिः॥ श्री सदाशिवो देवता॥ अनुष्टुप् छन्दः॥ श्रीसदाशिवप्रीत्यर्थं शिवरक्षास्तोत्रजपे…
जटा-अटवी-गलत्-जल-प्रवाह-पावित-स्थले गले-अवलम्ब्य लम्बितां भुजंग-तुङ्ग-मालिकाम् डमड्-डमड्-डमड्-डमत्-निनाद-वड्डमर्वयं चकार चण्ड-ताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥1॥ जटा-कटाह-सम्भ्रम-भ्रमत्-निलिम्प-निर्झरी विलोल-वीचि-वल्लरी-विराजमान-मूर्धनि धगत्-धगत्-धगज्ज्वलत्-ललाट-पट्ट-पावके किशोर-चन्द्र-शेखरे रतिः प्रति-क्षणं मम ॥२…
पाठेन स्तोत्रस्य अमलेश्वरस्य, सदा महेशस्य कृपा प्रसन्ना। यस्यापि भाग्यं लघु वा दुरात्मा, तं सोऽपि कुर्यात् शिवतुल्यधीरम्॥ जो भी इस श्रीअमलेश्वर…
Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.