22 जून 2020 से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, इससे जुड़ी हर एक छोटी से बड़ी जानकारी मिलेगी यहाँ
22 जून, सोमवार से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, और 1 जुलाई 2020, बुधवार को इसकी समाप्ति होगी।…

22 जून, सोमवार से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, और 1 जुलाई 2020, बुधवार को इसकी समाप्ति होगी।…
कोरोना काल का यह समय हम सभी के जीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर चुका है, ऐसे में साल…
उग्र ग्रह कहे जाने वाले और ग्रहों में सेनानायक का दर्जा प्राप्त मंगल ग्रह, कुंभ राशि से मीन राशि में…
दिनांक 16.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि … प्रातः को…
ज्योतिषशास्त्र के अनेक प्रकार हैं जिनमें समुद्रशास्त्र भी शामिल है। समुद्रशास्त्र के मुताबिक मानव शरीर के निशानों से उनके जीवन…
हमारे जीवन में विवाह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार होता है। हिंदू धर्म में इस संस्कार के लिए अनेक तरह के…
अंक ज्योतिष के अनुसार नाम में थोड़ा-सा फेरबदल करने मात्र से ही उस व्यक्ति के भाग्य में बहुत बदलाव आ…
दिनांक 08.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …अषाढ़ मास कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि … रात्रि को…
दिनांक 06.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …अषाढ़ मास कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि … रात्रि को…
दिनांक 01.06.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि … दांपहर को…
दिनांक 28.05.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि … रात्रि को…
दिनांक 26.05.2020 का पंचाग सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि … रात्रि को 01 बजकर 10 मिनट…
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह का विशेष महत्व बताया गया है। यह स्त्री, प्रणय, विवाह, वैभव, विलास, राग-रंग, कला, कल्चर,…
भगवान भोले नाथ और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए सोमवार का व्रत बहुत ही लाभकारी और पुण्यदायी है। सोमवार का व्रत श्रावण, चैत्र, वैशाख, कार्तिक और माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू किया जाता है, कहते हैं इस व्रत को 16 सोमवार तक श्रद्धापूर्वक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, सोमवार व्रत का विधान बहुत ही सरल और सहज है। सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजन का विशेष महत्व है। सोमवार को शिव का दिन कहा जाता है। इसलिए शिवालयों में भक्तों की अधिक भीड़ रहती है। मान्यता है कि आज के दिन भगवान की वंदना करने से समस्त दुखों का नाश होता है। इस दिन प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें, दिन भर मन प्रसन्न रखें, क्रोध, ईष्र्या, चुगली न करें। दिन भर शिव के पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय का मन ही मन जप करते रहें। सायंकाल को प्रदोष बेला कहते हैं। इस समय यदि भगवान शिव के मंदिर जा सके तो समस्त दोष दूर हो जाते हैं और सायंकाल शिव मंदिर में या अपने घर में ही मिट्टी से शिवलिंग और पार्वती तथा श्री गणेश की मूर्ति बनाकर पूजन करें, इनमें दूवी, सफेद फूल, मालाओं से शिवपूजन समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है। कहा जाता है कि सोमवार का व्रत करने वाले भक्तों के जीवन से हर कष्ट समाप्त हो जाते हैं…
हिंदू पंचांग के अनुसार सोमवार का दिन भोलेनाथ की पूजा का दिन माना जाता है। कहते हैं कि शिव की…
दिनांक 25.05.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि … रात्रि को…
सूर्य को जगत का पिता माना जाता है। अगर किसी की जन्मपत्री में सूर्य खराब हो तो उसे अनेकों समस्याओं…
हर आदमी की ये इच्छा होती हैं कि उसका नाम समाज के धनवान व कामयाब लोगों की लिस्ट में हो,…
शुक्रवार, 22 मई को कृत्तिका नक्षत्र रहेगा और शनि जयंती मनाई जाएगी। इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। शनिदेव अपने…
हिंदू धर्म की परंपराओं में ज्यादतर व्रत और त्योहार महिलाओं के लिए ही है। जिनको करने से पति की उम्र…
कल वट सावित्री व्रत है। यह पर्व हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। हालांकि, कई…
दिनांक 22.05.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि … रात्रि को…
हिंदू धर्म के अनुसार बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। कहते हैं कि इस दिन जो…
सप्ताह के सातों दिन देवी देवताओं को समर्पित हैं। गुरुवार का दिन भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है। इस दिन…
Jyeshtha Amavasya 2020: 22 मई को ज्येष्ठ अमावस्या है। इस दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती दोनों हैं। धार्मिक ग्रंथों…
ब्रह्मांड में असंख्य तारे टिमटिमा रहे हैं। इन तारों में एक है ध्रुव तारा, जो कि उत्तरी ध्रुव में स्थित…
दिनांक 21.05.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि … रात्रि को…
दिनांक 20.05.2020 का पंचाग शुभ संवत 2077 शक 1942सूर्य उत्तरायण का …ज्येष्ठा मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि … रात्रि को…
क्या वजह है कि कुछ दंपत्तियों का वैवाहिक जीवन विवाह के वर्षों बाद भी पहले जैसा ही बना रहता है.…
"सप्तम भाव को विवाह का भाव कहा जाता है, इस भाव से संबन्ध रखने वाले ग्रह वैवाहिक जीवन को प्रभावित…
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