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Month: April 2019

अनंत चतुर्दशी व्रत: ऐसे करें भगवान अनंत की पूजा और व्रत

अनंत चतुर्दषी व्रत भाद्रपद शुक्लपक्ष की चतुर्दषी को भगवान अनन्त का व्रत रखा जाता है। अनंत अर्थात् अंत ना होने वाले सृष्टि के कर्ता विष्णु भगवान की भक्ति का दिन होता है। ‘‘अनंत सर्व नागानामधिपः सर्वकामदः, सदा भूयात् प्रसन्नो में यक्तानामभयंकरः’’ मंत्र से भगवान की पूजन करनी चाहिए। इस दिन…

शुरू होने वाली है कैलाश मानसरोवर यात्रा, 30 से पहले करें आवेदन

कैलाश मानसरोवर दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कहलाता है। इस स्थान को 12 ज्येतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हर साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने के लिए हज़ारों साधु-संत, श्रद्धालु, दार्शनिक यहां भोलेनाथ के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं। यह जगह काफी रहस्यमयी बताई जाती है। इस बार…

ज्योतिष विज्ञान में छुपा है आपके स्वस्थ जीवन का राज़! जानें कैसे

वैदिक दर्षनों में ‘‘यथा पिण्डे तथा ब्रहाण्डे’’ कर सिद्धांत प्रचलित है, जिसके अनुसार सौर जगत में सूर्य और चंद्रमा आदि ग्रहों की विभिन्न गतिविधियों एवं क्रिया कलापों में जोे नियम है वही नियम मानव शरीर पर है। जिस प्रकार परमाणुओं के समूह से ग्रह बनें हैं उसी प्रकार से अनन्त…

पितृपक्ष में कालसर्प दोष की निवृत्ति

विभिन्न शास्त्रों में कालसर्प योग के बारे में विभिन्न धारणाएॅ प्रस्तुत हैं, जिसमें सभी में एक मत है कि राहु एवं केतु के बीच यदि सभी ग्रह फॅसे हुए हों तो कालसर्प योग निर्मित होता है। यदि राहु आगे तो तथा केतु पीछे और सूर्यादि सातों ग्रह राहु एवं केतु…

भरणी श्राद्ध से पायें पुण्य और कालसर्पदोष के कष्ट से निवारण

प्राचीन काल से मान्यता है कि श्रवण और भरणी नक्षत्र में किए गए पूण्यकार्य से  पाप एवं शाप की निवृत्ति होती है। भरणी नक्षत्र में किए गए दान एवं कर्म से पितरों को लाभ होता है जिससे जीवन में सुख तथा समृद्धि की वृद्वि होती है। भरणी नक्षत्र का स्वामी…

चन्द्रषष्ठी व्रत -छठ का श्राद्ध –

आष्विन मास की कृष्णपक्ष की षष्ठी को छठ का श्राद्ध किया जाता है। इसमें चंद्रछट किया जाता है, जिसमें महिलाओ के लिए श्राद्ध किया जाता है। एक पटरे पर जल का कलष रखकर उसपर रोली छिड़क कर सात टीके काढ़े जाते हैं। एक गिलास में गेहूं रखा जाता है एवं…

Guru Purnima 2019: गुरु पूर्णिमा व्रत कथा और पूजा की विधि, यहां जानिए सबकुछ

हिन्दी मास की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहा जाता है इस दिन चंद्रमा का पूर्ण रूप होता है जिसका धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व माना गया है। चूॅकि भारतीय शास्त्र में चंद्रमा का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है अतः पूर्णिमा को बहुत शुभ एवं मंगलकारी तिथि माना जाता है। पूर्णिमा…

वैशाख मास शुरू हो रहा है, वैशाख मास का महत्व, तुलसी पूजन, स्नान-दान के साथ ये काम करना होगा शुभ

आज से वैशाख मास शुरू हो रहा है। आज वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और शनिवार का दिन है। साथ ही आज शाम 05 बजकर 58 मिनट तक स्वाति नक्षत्र रहेगा। आपको बता दूं कि हमारी संस्कृति में वैशाख मास का बहुत महत्व है। शास्त्रों में वैशाख मास के दौरान किये…

नक्षत्र से जाने आप का दिन शुभ होगा या अषुभ

नक्षत्र संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ है न क्षरति न सरति इति नक्षत्रः अर्थात् न हिलने वाला न चलने वाला, जो स्थिर हों, ग्रहों एवं नक्षत्रों में यहीं प्रमुख भेद है कि ग्रह तो भ्रमणषील हैं किंतु नक्षत्र स्थिर। भारतीय ज्योतिष में राषि-पथ एक स्थिर नक्षत्र से प्रारंभ होता…

श्री स्कंद षष्ठी अथवा चम्पाषष्ठी व्रत

मार्गषीर्ष के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को श्री स्कंदषष्ठी या चम्पाषष्ठी व्रत किया जाता है। इस व्रत के संबंध में मान्यता है कि एक बार मुनिवर दुर्वासा युधिष्ठिर को राज्य मिलने के उपरांत उनका हाल-चाल जानने गए। युधिष्ठिर मुनिवर को देखकर अत्यंत प्रसन्नतापूर्वक उनकी सेवा-सत्कार करने के बाद धमनन्दन…

पुत्रदा एकादशी 2019: इस एकादशी जैसा दूसरा व्रत नहीं, खुल जाते हैं बैकुंठ के द्वार

पौष मास की शुक्लपक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। पद्यपुराण के अनुसार श्री कृष्ण ने इस व्रत का वर्णन युधिष्ठिर से किया था। चराचर प्राणियों सहित त्रिलोक में इससे बढ़कर दूसरी कोई तिथि नहीं है, जो संतान कष्ट से संबंधित दुखों को हर सके।…

Chaitra Purnima 2019: चैत्र पूर्णिमा के दिन इस मंत्र से करें भगवान चंद्रदेव को प्रसन्‍न, जानें विशेष महत्व

भारत में हिंदुओं के त्‍यौहारों का अलग ही महत्व है। हिन्दू अपने हर त्‍यौहारों को बड़े उल्लास से मनाते हैं। हिन्दू धर्म में सारे त्‍यौहार हिंदी नववर्ष के अनुसार मनाए जाते हैं। हिंदी नववर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्र के साथ यानी चैत्र मास से हो जाती है। हिन्दी वर्ष का चैत्र पहला महीना…

शनिश्चरी अमावस्या: शनि के दुष्प्रभाव से बचने के ये हैं आसान उपाय, जानें पूजा विधि

प्रत्येक मास में एक अमावस्या आती है और प्रत्येक सात दिन में एक शनिवार। परंतु ऐसा बहुत कम होता है जब अमावस्या शनिवार को हो। हमारे धर्मग्रंथों में अमावस्या का शनिवार को पड़ने पर बहुत से दुखों तथा द्रारिदयहरण का कारक माना जाता है। इस दिन व्रत तथा पूजन करने…

कैसा होगा आपका जीवन साथी

विवाह योग्य प्रत्येक कन्या के मन में एक बार यह प्रष्न अवष्य जाग्रत होता है कि उसका भावी वर कैसा होगा, क्या करता होगा, कहाॅ से होगा तथा किस स्थिति का होगा तथा उसके साथ व्यवहार कैसा होगा। यह सारी बातें उस कन्या की कुंडली के सप्तम भाव, सप्तमेष तथा…

क्यों होती हैं आकस्मिक घटनाएं? जानें अंक ज्योतिष से

अक ज्योतिष के द्वारा जीवन मेंं होने वाली घटनाएं जानी जा सकती हैं, ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति के जीवन का संबंध अंकों व शब्दों से उतना ही है जितना की उसके रक्त, मांस व मज्जा से होता है। धनात्मक व ऋणात्मक अंको के प्रभाव से व्यक्ति के मन…

पुरुषार्थ का महत्व

पुरूषार्थ का महत्व भाग्य से अधिक है साथ ही अधिकांष लोगो की मान्यता होती है कि भाग्य नाम की कोई चीज नहीं होती जितना कर्म किया जाता है उसी के अनुरूप फल मिलता है किंतु जीवन की कई अवस्थाओं पर नजर डाले तो भाग्य की धारणा से इंकार नहीं किया…

उत्पन्ना एकादशी व्रत महत्त्व ,कथा व विधि-Utpanna Ekadashi Vrat Katha and Vidhi

उत्पन्ना एकादषी का व्रत मार्गषीर्ष माह की कृष्णपक्ष की एकादषी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। एकादषी का व्रत रखने वाले दषमी के सूर्यास्त से भोजन नहीं करते। एकादषी के दिन ब्रम्हबेला में भगवान कृष्ण की पुष्प, जल, धूप, अक्षत से पूजा की…

दुर्गा अष्टमी के दिन ऐसे करें देवी मां की पूजा, साथ ही जानें शुभ मुहूर्त

Ashtami Vrat Shubh Muhurat : नवरात्रि (Navratri 2019) का पर्व 6 अप्रैल से शुरू हुआ था। इस मौके पर माता के सभी मंदिरों में भक्‍तों की भारी भींड़ देखने को मिली। नवरात्रि का आखिरी दिन राम नवमी की पूजा के साथ 14 अप्रैल को समाप्‍त होगा। 13 अप्रैल को नवरात्रि का…

ये हैं मां दुर्गा के 10 प्रसिद्ध मंदिर, शक्तिपीठ के दर्शन से होती है मनोकामनाएं पूरी

नवरात्रि पर अगर आपने मां के दर्शन का प्लान बनाया है तो आपको कुछ जगह दर्शन को जरूर जाना चाहिए। यहां मां सती के कई स्वरूप शक्तिपीठ के रूप में विराजमान हैं। 01 / 10 1. अम्बाजी मंदिर, गुजरात गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित अम्बा जी के मंदिर नवरात्रि में दर्शन को…

नवरात्रि 2019: नवरात्रि के 9 दिन पहनें इन रंगों के कपड़े और चढ़ाएं इस रंग का प्रसाद

देवी दुर्गा के हर दिन का अपना अलग महत्व है। मां दुर्गा का हर स्वरूप अपनी अलग-अलग शक्तियों के लिए जानी जाती हैं। पूरे नौ दिन मां के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित हैं। भक्त इस दिन अगर माता को प्रसन्न करने के लिए उनके रंग के अनुसार वस्त्र पहने हैं…

शिवरीनारायण गुप्त तीर्थधाम, प्राचीन मूर्तियां शिल्पकला का अनूठा उदाहरण

शिवरी नारायण महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के त्रिधारा संगम के तट पर स्थित प्राचीन, प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण और छत्तीसगढ़ की जगन्नाथपुरी के नाम से विख्यात कस्बा है। यह छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला के अन्तर्गत आता है। यह बिलासपुर से 64 कि. मी., राजधानी रायपुर से बलौदाबाजार से होकर…

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रक्षाबंधन पर्व की भूमिका

भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में रक्षा बन्धन पर्व की भूमिका: भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में जन जागरण के लिये भी इस पर्व का सहारा लिया गया। श्री रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने बंग-भंग का विरोध करते समय रक्षाबन्धन त्यौहार को बंगाल निवासियों के पारस्परिक भाईचारे तथा एकता का प्रतीक बनाकर इस त्यौहार का राजनीतिक…

शुक्र से जीवन हो सुखमय

सौरमंडल से आने वाली किरणें खास कर शुक्र से आने वाली किरणें मनुष्य के व्यक्तित्व व दांपत्य जीवन में गाहे-वगाहे अनेक प्रभाव डालती हैं। व्यक्ति को वैवाहिक जीवन का सुख न मिल पाए, पति-पत्नी के संबंधों मेंं मधुरता न रहे या दोनों मेंं से किसी की कमी उनकी इच्छा की…