archive#VedicAstrology

2026 AstrologyMonthly Horoscope

नए साल 2026 की शुरुआत कैसी रहेगी 12 राशियों के लिए? जानें जनवरी का पूरा भविष्यफल

राशिफल 2026 राशिफल 2026: नया साल जब भी आता है अपने साथ नई उम्मीदों को लेकर आता है। कई उम्मीदें साकार...
Astrologylove lifeMarital Issues

ज्योतिष अनुसार जानें वैवाहिक जीवन की परेशानी का समाधान कैसे करें?

विवाह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। यह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कारों और...
Astrologyग्रह विशेष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किस दिन क्या खरीदें और क्या नहीं खरीदें…

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में केवल ग्रहों की चाल, कुंडली और भविष्यफल ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों जैसे—खरीदारी,...
Astrology

संतान प्राप्ति में क्यों आती है बाधा? ज्योतिष बताता है असली कारण और उपाय…!

ज्योतिष के अनुसार संतान प्राप्ति के उपाय और बाधाएँ संतान सुख जीवन का महत्वपूर्ण और भावनात्मक पक्ष है। दंपत्ति के...
Other Articles

श्री महाकालाष्टकम्

श्रीमहाकालाष्टकम् प्रणम्य खारूनतीरसंस्थितमहाकालं परब्रह्मरूपं ज्वलज्जटाजूटगङ्गाधरं त्रिनयनं कालान्तकं नित्यशान्तम्। भवभयहारि मनोहरं मुनिवरैः सेव्यं समाधिस्थितं अमलेश्वरं शशिशेखरं शरणं महाकालमीडे सदा॥1 गले गजचर्मविभूषणं, भस्माङ्गरागं दिगम्बरं कपालपाणिं करालवक्त्रम्, करुणारसार्द्रं शमप्रदम्। विनाशनं भवरोगणां, विधिविष्णुसेव्यं शिवं परं स्मरान्तकं खड्गहस्तकं, महाकालनाथं नमाम्यहम्॥2 यः कालकालो युगान्तकृत्, सुरासुराणां विनाशकृत् समस्तलोकप्रपञ्चधारी, समाधिगम्यः सदा सुखी। स ऋद्धिदः सिद्धिदः शिवो, मनीषिणां मोक्षसाधनः स खारुनीयं महेश्वरः, नमामि देवं निरामयम्॥3 विक्रमदित्यप्रपूजितं शशिकल्पशुद्धं महामुनिभिः शङ्कराचार्यनिषेवितं, समराग्रणीभिः कथाश्रयम्। नरपतिनां वरदं सदा, सुरवृन्दवन्दितपादुकम् द्विजवरदं, शरणागतं, नमामि शंभुं अमोघकम्॥4 अमलधरा सुनीरा यस्य समीपे सदा वहति न जनपदं न नगरी, तपोवनं तदेव च। यत्र लिंगं स्वयंभूतं, नष्टकृतान्तदर्पणम् स तु...
Other Articles

बुद्धि, सिद्धि, ऋद्धि, शांति, विघ्ननाश, लक्ष्मीप्राप्ति का अचूक उपाय

॥ गणपत्यथर्वशीर्ष पुरश्चरण विधि ॥ — यह अत्यंत पवित्र वैदिक स्तोत्र अथर्ववेद से उद्धृत है, और भगवान गणपति की वैदिक...
Other Articles

आर्थिक संकटों से मुक्ति दिलाने वाली,चमत्कारी श्री सिद्धि कैसे करें

॥ वैभव प्रदाता श्रीसूक्तम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ — यह साधना महालक्ष्मी की स्थायी कृपा, दरिद्रता का नाश, और वैभव-समृद्धि...
Other Articles

श्री शिवस्तुतिः

  वन्दे देवमुमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणं (शम्भुमुमापतिं) वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम् । वन्दे सूर्यशशाङ्कवह्निनयनं वन्दे मुकुन्दप्रियं वन्दे भक्तजनाश्रयं...
Other Articles

श्री शिवाष्टकं

प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानंद भाजां | भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शंकरं शंभुमीशानमीडे || १ || गळे रुंडमालं तनौ...
1 2
Page 2 of 2