Other Articles

बुद्धि, सिद्धि, ऋद्धि, शांति, विघ्ननाश, लक्ष्मीप्राप्ति का अचूक उपाय

॥ गणपत्यथर्वशीर्ष पुरश्चरण विधि ॥ — यह अत्यंत पवित्र वैदिक स्तोत्र अथर्ववेद से उद्धृत है, और भगवान गणपति की वैदिक...
Other Articles

आर्थिक संकटों से मुक्ति दिलाने वाली,चमत्कारी श्री सिद्धि कैसे करें

॥ वैभव प्रदाता श्रीसूक्तम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ — यह साधना महालक्ष्मी की स्थायी कृपा, दरिद्रता का नाश, और वैभव-समृद्धि...
Other Articles

श्री शिवस्तुतिः

  वन्दे देवमुमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणं (शम्भुमुमापतिं) वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम् । वन्दे सूर्यशशाङ्कवह्निनयनं वन्दे मुकुन्दप्रियं वन्दे भक्तजनाश्रयं...
Other Articles

धन वर्षा करावे यह सिद्धि कनकधारा स्तोत्रम् पर कैसे करें सिद्ध ?

कनकधारा स्तोत्रम् — आदि शंकराचार्य द्वारा रचित यह महालक्ष्मी स्तुति स्तोत्र अत्यंत प्रभावशाली और फलदायी है। यदि विधिपूर्वक इसका पुरश्चरण किया जाए, तो यह दारिद्र्य नाश, वैभव प्राप्ति, ऋद्धि-सिद्धि, और लक्ष्मी कृपा के लिए अचूक माना गया है। 🌟 कनकधारा स्तोत्रम् पुरश्चरण — संपूर्ण साधना विधि 🪔 1. स्तोत्र परिचय: रचना: आदि शंकराचार्य श्लोक संख्या: 21 श्लोक + 1 फलश्रुति स्रोत: महालक्ष्मी की स्तुति हेतु रचित नाम "कनकधारा" का अर्थ: "सोने की धारा" (स्वर्ण वर्षा की कृपा) 🎯 2. पुरश्चरण का उद्देश्य (सिद्धि): उद्देश्य फल दरिद्रता निवारण आर्थिक संकटों का...
Other Articles

शत्रु, रोग, भय, अकाल मृत्यु और दुर्भाग्य का नाश करने वाला आदित्य हृदय स्तोत्र को कैसे सिद्ध करें

"आदित्यहृदय स्तोत्र" — यह स्वयं श्रीराम को महर्षि अगस्त्य द्वारा दिए गए एक रहस्यमय स्तोत्र का रूप है, जो सूर्य के साक्षात् ब्रह्मरूप का स्तवन है। इसका पुरश्चरण करने से न केवल मानसिक बल, आत्मिक तेज और आयु बढ़ती है, बल्कि शत्रु, रोग, भय, अकाल मृत्यु और दुर्भाग्य का नाश होता है। 🔆 आदित्यहृदय स्तोत्र पुरश्चरण — सम्पूर्ण साधना विधि 🪔 1. मंत्र / स्तोत्र पाठ आदित्यहृदय स्तोत्रम् – कुल श्लोक: 31आरंभ — "ततो युद्धपरिश्रान्तं..."अंत — "जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नमः॥" 👉 यह पूरे रूप में ही एक मंत्रात्मक स्तोत्र...
Other Articles

श्री शिवाष्टकं

प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानंद भाजां | भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शंकरं शंभुमीशानमीडे || १ || गळे रुंडमालं तनौ...
Other Articles

चमत्कारी बटुक भैरव मंत्र को सिद्ध करें

ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ स्वाहा" यह मंत्र भगवान बटुक भैरव का अत्यंत प्रभावशाली आपदुद्धारण (आपत्ति नाशक) मंत्र है। यह मंत्र विशेष रूप से संकट, भय, बाधा, दुष्ट शक्तियों, अकारण मुकदमे, शत्रु बाधा, और भूत-प्रेत दोष से रक्षा हेतु जपा जाता है। 🌒 मंत्र का संक्षिप्त अर्थ: ॐ ह्रीं बं — बीज मंत्र हैं जो चेतना को जाग्रत करते हैं और शक्ति का आह्वान करते हैं। बटुकाय — बाल रूप वाले भैरव को नमन। आपदुद्धारणाय — आपदाओं (संकटों) से उबारने वाले। कुरु कुरु —...
Other Articles

।।ऋणमोचन मंगल स्तोत्र।।

।।ऋणमोचन मंगल स्तोत्र।। ''मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः। स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।। लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः। धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।। अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः। व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।। एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्। ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।। धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्। कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।। स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः। न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।। अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल। त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।। ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः। भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।। अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः। तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।। विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा। तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।...
1 33 34 35 36 37 486
Page 35 of 486