शिवलिंग पर जल अर्पण की सही प्रक्रिया?
सनातन धर्म में भगवान शिव को अत्यंत सरल, करुणामय और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माना गया है। उन्हें भोलेनाथ,…
सनातन धर्म में भगवान शिव को अत्यंत सरल, करुणामय और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माना गया है। उन्हें भोलेनाथ,…
प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्रिय व्रत है। यह व्रत हर माह की त्रयोदशी…
हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहारकर्ता, करुणामय और शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता माना गया है। शिव उपासना के…
रुद्राक्ष पहनने का लाभ और नियम — किसे पहनना चाहिए ? रुद्राक्ष को हिंदू धर्म में भगवान शिव का अत्यंत…
“श्री महाकाल धाम अमलेश्वर : पुण्य का जबरदस्त अवसर, आस्था और अनुष्ठान का अखंड धाम” “21 वर्षों से पितृ शांति,…
❖ अमलेश्वर वट-ग्वाल कथा ❖ श्री महाकाल अमलेश्वर धाम, खारून नदी तट, छत्तीसगढ़ कालखंड:प्राचीन युग के उत्तरार्ध — जब…
"निषाद कन्या और महाकाल का वरदान" बहुत समय पहले, जब खारून नदी अपने तटों पर शांति बिखेरती थी और श्रीअमलेश्वर…
तपस्वी विश्वामित्रः महाकाल-अमलेश्वरसंनिविष्टः आत्मसम्मान-अपमानः प्राचीन काल में राजर्षि विश्वामित्र पूर्वतः कौशिक नाम धनुर्धरः आसीत्। एकदा ब्रह्मर्षि वशिष्ठेण सिद्धं गौसत्त्वं दृष्ट्वा…
श्री महाकाल अमलेश्वर प्राकट्य कथा प्रस्तावना छत्तीसगढ़ की भूमि — जहाँ खारून की धाराएँ शिवमंत्रों सी बहती हैं, वहाँ …
श्रीमहाकालाष्टकम् प्रणम्य खारूनतीरसंस्थितमहाकालं परब्रह्मरूपं ज्वलज्जटाजूटगङ्गाधरं त्रिनयनं कालान्तकं नित्यशान्तम्। भवभयहारि मनोहरं मुनिवरैः सेव्यं समाधिस्थितं अमलेश्वरं शशिशेखरं शरणं महाकालमीडे सदा॥1 गले गजचर्मविभूषणं,…
॥ गणपत्यथर्वशीर्ष पुरश्चरण विधि ॥ — यह अत्यंत पवित्र वैदिक स्तोत्र अथर्ववेद से उद्धृत है, और भगवान गणपति की वैदिक…
॥ वैभव प्रदाता श्रीसूक्तम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ — यह साधना महालक्ष्मी की स्थायी कृपा, दरिद्रता का नाश, और वैभव-समृद्धि…
वन्दे देवमुमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणं (शम्भुमुमापतिं) वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम् । वन्दे सूर्यशशाङ्कवह्निनयनं वन्दे मुकुन्दप्रियं वन्दे भक्तजनाश्रयं…
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानंद भाजां | भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शंकरं शंभुमीशानमीडे || १ || गळे रुंडमालं तनौ…
श्री शिवाष्टक आदि अनादि अनंत अखंड अभेद अखेद सुबेद बतावैं । अलग अगोचर रूप महेस कौ जोगि-जति-मुनि ध्यान न पावैं…
शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपम् नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम् घन घन घूर्णिमेघं घंघोरं घंन्निनादम् भज भज…
लिङ्गाष्टकं स्तोत्र: ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्…
श्री शिव सहस्त्रनाम ॐ स्थिराय नमः। ॐ स्थाणवे नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ भीमाय नमः। ॐ प्रवराय नमः । ॐ…
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै न काराय नमः शिवाय॥1॥ मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चितायनन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय। मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजितायतस्मै म काराय नमः…
॥ श्रीशिवरक्षास्तोत्रम् ॥ ॥ विनियोग ॥ श्री गणेशाय नमः॥ अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य ऋषिः॥ श्री सदाशिवो देवता॥ अनुष्टुप् छन्दः॥ श्रीसदाशिवप्रीत्यर्थं शिवरक्षास्तोत्रजपे…
पाठेन स्तोत्रस्य अमलेश्वरस्य, सदा महेशस्य कृपा प्रसन्ना। यस्यापि भाग्यं लघु वा दुरात्मा, तं सोऽपि कुर्यात् शिवतुल्यधीरम्॥ जो भी इस श्रीअमलेश्वर…
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