श्री दुर्गा जी की आरती समेत,ये रहा 10 आरती…
श्री दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशि दिन ध्यावत हरि ब्रम्हा शिवरी।। माॅग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को। उज्जवल से दोउ नैना चन्द्रबदन नीको।। कनक समान कलेवर रक्ताम्बर नीको।। कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प् की माला कंठन पर साजै।। केहरि वाहन राजत...

































