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अश्वत्थस्तोत्रम्

॥ अश्वत्थस्तोत्रम् ॥ श्री नारद उवाच अनायासेन लोकोऽयम् सर्वान् कामानवाप्नुयात् । सर्वदेवात्मकं चैकं तन्मे ब्रूहि पितामह ॥ ब्रह्मोवाच श्रुणु देव मुनेऽश्वत्थं शुद्धं सर्वात्मकं तरुम् । यत्प्रदक्षिणतो लोकः सर्वान् कामान् समश्नुते ॥ अश्वत्थाद्दक्षिणे रुद्रः पश्चिमे विष्णुरास्थितः । ब्रह्मा चोत्तरदेशस्थः पूर्वेत्विन्द्रादिदेवताः ॥ स्कन्धोपस्कन्धपत्रेषु गोविप्रमुनयस्तथा । मूलं वेदाः पयो यज्ञाः संस्थिता मुनिपुङ्गव ॥...

अर्धनारीश्वराष्टकम्

॥ अर्धनारीश्वराष्टकम् ॥ अंभोधरश्यामलकुन्तलायै तटित्प्रभाताम्रजटाधराय । निरीश्वरायै निखिलेश्वराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ १॥ प्रदीप्तरत्नोज्वलकुण्डलायै स्फुरन्महापन्नगभूषणाय । शिवप्रियायै च...

अर्धनारीश्वरस्तोत्रम्

॥ अर्धनारीश्वरस्तोत्रम् ॥ चाम्पेयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय । धम्मिल्लकायै च जटाधराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ १ ॥ कस्तूरिकाकुङ्कुमचर्चितायै चितारजःपुञ्जविचर्चिताय ।...

अर्गलास्तोत्रम्

॥ अर्गलास्तोत्रम् ॥ ॥ श्री॥ श्रीचण्डिकाध्यानम् ॐ बन्धूककुसुमाभासां पञ्चमुण्डाधिवासिनीम् । स्फुरच्चन्द्रकलारत्नमुकुटां मुण्डमालिनीम् ॥ त्रिनेत्रां रक्तवसनां पीनोन्नतघटस्तनीम् । पुस्तकं चाक्षमालां च...

अम्बास्तोत्रं

॥ अम्बास्तोत्रं॥  ॥ स्वामी विवेकानन्दरचितम् ॥ का त्वं शुभकरे सुखदुःखहस्ते आघूर्णितं भवजलं प्रबलोर्मिभङ्गैः । शांतिं विधातुमिह किं बहुधा विभग्नाम् मतः...

अपराजितास्तोत्र

॥ अपराजितास्तोत्र ॥ ॐ नमोऽपराजितायै । ॐ अस्या वैष्णव्याः पराया अजिताया महाविद्यायाः वामदेव-बृहस्पति-मार्केण्डेया ऋषयः । गायत्र्युष्णिगनुष्टुब्बृहती छन्दांसि । लक्ष्मीनृसिंहो देवता...

श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम्

  ॥ श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम् ॥ नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी । var घोरपापनिकरी प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ १॥...

श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम्

॥ श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम् ॥ श्रीरुद्रयामले कैलासशिखरासीनं देवदेवं महेश्वरम् । प्रणम्य दण्डवद्भूमौ पार्वती परिपृच्छति ॥ १॥ श्रीपार्वत्युवाच । अन्नपूर्णा महादेवी त्रैलोक्ये जीवधारिणी...

श्रीअन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्

॥ श्रीअन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीअन्नपूर्णाविश्वनाथाभ्यां नमः ॥ अस्य श्रीअन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रमन्त्रस्य भगवान् श्रीब्रह्मा ऋषिः । अनुष्टुप्छन्दः । श्रीअन्नपूर्णेश्वरी...

अञ्जनशैलनाथस्तोत्रम्

॥ अञ्जनशैलनाथस्तोत्रम् ॥ पुलकिनि भुजमध्ये पूजयन्तं पुरन्ध्रीं भुवननयनपुण्यं पूरिताशेषकामम् । पुनरपि वृषशैले फुल्लनीलोत्पलाभं पुरुषमनुभवेयं पुण्डरीकायताक्षम् ॥ १॥ आजानसौहृदमपारकृपामृताब्धिं अव्याजवत्सलमवेलसुशीलमाद्यम् ।...

अङ्गारकस्तोत्रम्

॥ अङ्गारकस्तोत्रम् ॥ अस्य श्री अङ्गारकस्तोत्रस्य । विरूपाङ्गिरस ऋषिः । अग्निर्देवता । गायत्री छन्दः । भौमप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । अङ्गारकः...

॥ अघनाशकगायत्रीस्तोत्र ॥

॥ अघनाशकगायत्रीस्तोत्र ॥ आदिशक्ते जगन्मातर्भक्तानुग्रहकारिणि । सर्वत्र व्यापिकेऽनन्ते श्रीसंध्ये ते नमोऽस्तु ते ॥ त्वमेव संध्या गायत्री सावित्रि च सरस्वती ।...

अत्यंत गोपनीय और शक्तिशाली श्री देवी खड्गमाला स्तोत्रम्

॥ श्री देवी खड्गमाला स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (यह स्तोत्र तंत्रशास्त्र में अत्यंत गोपनीय और शक्तिशाली देवी-स्तोत्रों में से...

रक्षणं करोतु भगवति

॥ श्रीभगवतीस्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (श्री आदि शंकराचार्य रचित स्तोत्र – “नमस्ते शरण्ये शिवे सानुकम्पे...”) यह स्तोत्र मातृतत्त्व की...

भक्ति नहीं, अपितु ज्ञान, वैराग्य और मोक्षबोध का दिव्य संगम है ये उपाय

॥ भज गोविन्दम् (मोह मुद्गरः) पुरश्चरण साधना विधि ॥ (रचयिता: श्री आदि शङ्कराचार्य) “भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते…”...

श्रीविद्या त्रिपुरा, महात्रिपुरा, सुंदरी देवी के ध्यान, कृपा और आध्यात्मिक उत्थान के लिए एक बहुत ही रहस्यमय साधना है।

॥ श्री आनन्दलहरी स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (श्री आदि शंकराचार्य विरचित) "शिवः शक्त्यायुक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं..." से आरंभ...

मृत्यु का भय, रोग, संकट, ग्रह प्रभाव, तंत्र प्रहार, एकमात्र समाधान

  ॥ श्री महामृत्युंजय स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (श्रीमार्कण्डेय ऋषि रचित, अमोघ स्तोत्र) महामृत्युंजय स्तोत्र मृत्यु भय, रोग, संकट,...

जीवन की रक्षा, समर्पण और मोक्ष के लिए भवानी की कृपा का अद्वितीय उपाय

॥ भवान्यष्टकम् पुरश्चरण विधि ॥ (श्री आदि शंकराचार्य कृत अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र) "नाथैः अनाथशरणं..." से प्रारम्भ यह स्तोत्र माँ भवानी...

(शिव कृपा, रोगों का नाश, भय निवारण, तीर्थ-तुल्य पुण्य एवं आध्यात्मिक उत्थान के लिए) जबरदस्त उपाय

॥ द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र पुरश्चरण साधना विधि ॥ (शिव कृपा, रोग नाश, भय-निवारण, तीर्थफल-समान पुण्य व आत्मिक उत्थान हेतु) 🔱...

नागों की कृपा, बाधाओं के निवारण, कालसर्प दोष की शांति, सुरक्षा एवं रहस्यमय प्रगति के लिए

7 ॥ नाग स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (नागों की कृपा, बाधा निवारण, कालसर्प दोष शांति, रक्षा व रहस्यमय उन्नति...

धन, सौभाग्य, दरिद्रता का नाश, धन वृद्धि एवं लक्ष्मी की दिव्य कृपा हेतु विशेष तांत्रिक उपाय

॥ श्रीलक्ष्मीस्तोत्रम् (अगस्त्य ऋषि कृत) – पुरश्चरण विधि सहित संपूर्ण साधना विवरण ॥ (संपत्ति, सौभाग्य, दरिद्र्य नाश, श्री वृद्धि और...

भय-शत्रु-विनाश, अचूक रक्षात्मक और तेजस्वी हनुमत् स्तोत्र

॥ श्री लाङ्गूलास्त्र-शत्रुंजय-हनुमत्स्तोत्रम् पुरश्चरण विधि ॥ (भय-शत्रु-विनाश, अचूक रक्षात्मक और तेजस्वी हनुमत् स्तोत्र) 🔱 १. पुरश्चरण क्यों करें? "श्री लाङ्गूलास्त्र...

पाप, ग्रहबाधा, पितृदोष शमन का अचूक उपाय

॥ श्री शिवमहिम्नस्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (प्राचीन परम शिवभक्त गंधर्व पुष्पदन्तकृत स्तोत्र) 🔱 १. पुरश्चरण क्यों करें? शिवमहिम्नस्तोत्रम् का...

रोग-शत्रु नाश ,भय, बाधा, तंत्र से रक्षा अमोघ उपाय

॥ श्री महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ ("अयि गिरिनन्दिनी नन्दितमेदिनी" – यह स्तोत्र देवी दुर्गा की शक्ति, करुणा और...
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